Monday, September 21

रक्सौल नगर परिषद में सियासी भूचाल | धुरपति देवी को पद से किसने हटाया? Suresh Yadav ने पूछा!

*माता के सम्मान में, सुरेश यादव मैदान में | रक्सौल में सांसद पर अप्रत्यक्ष हमला?विधायक भी निशाने पर… LIVE आकर खोलेंगे राज

*Raxaul Nagar Parishad Controversy | कोर्ट, आयोग या नगर विकास – किसने हटाया सभापति को?

रक्सौल।(Vor desk)।रक्सौल नगर परिषद में जारी राजनीतिक घमासान और प्रशासनिक खींचतान के बीच सीमावर्ती शहर की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। निकाय चुनाव के इतिहास में रक्सौल से सीधे जनता द्वारा पहली बार मुख्य पार्षद चुनी गईं धुरपति देवी का मामला प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक रंग लेने लगा है। चुनाव आयोग और नगर विकास विभाग द्वारा पदमुक्त एवं अयोग्य ठहराए जाने के बाद मामला हालांकि हाईकोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन धुरपति देवी के पुत्र सह भाजपा नेता सुरेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए स्थानीय राजनीति में एक नया बवंडर खड़ा कर दिया है।


हालिया घटनाक्रम पर सुरेश यादव ने एक के बाद एक कई हमलावर फेसबुक पोस्ट किए हैं। उन्होंने पूर्व सांसद रमा देवी के एक वीडियो को साझा करते हुए अप्रत्यक्ष तौर पर क्षेत्रीय सांसद पर निशाना साधा है। वीडियो में कंस का जिक्र किए जाने पर तंज कसते हुए सुरेश यादव ने लिखा कि “कंस तो हर जगह है, एक पीछे भी कंस खड़ा है।” यद्यपि इसमें सीधे नाम का उल्लेख नहीं है, लेकिन इशारों-इशारों में उनकी उंगली स्थानीय सांसद की तरफ मानी जा रही है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने जून 2025 में गमहरिया चौक से नहर रोड शिलान्यास का हवाला देते हुए सांसद से यह सार्वजनिक सवाल भी दाग दिया कि उपसभापति के पति को खुले मंच से कौन-सी खुशखबरी देने की बात कही गई थी।


संवैधानिक मर्यादाओं और नगर प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी सुरेश यादव ने सख्त तेवर दिखाए हैं। कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक संवाद पोस्ट किया।

इसमें कार्यपालक पदाधिकारी और कार्यवाहक सभापति के बीच की कार्यशैली पर तंज कसते हुए लिखा गया कि सशक्त स्थाई समिति की बैठकें कक्ष में कराई जा रही हैं। इसको उद्धृत करते हुए उन्होंने आगे लिखा है कि मिल कर रक्सौल को लूटो..अमीर बनना है,तो जमीर बेच दो।..

साथ ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो साझा करते हुए रक्सौल के जनप्रतिनिधियों को सलाह दी है कि वे एक जनसेवक के सामने झुकने या अपना जमीर बेचने के बजाय अपने पद की गरिमा और रक्सौल के अस्तित्व के लिए मजबूती से खड़े हों।

उनके इस रुख में कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी के प्रति सहानुभूति कम और नगर परिषद की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ा आक्रोश अधिक नजर आ रहा है।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आरजेडी का दामन छोड़ बीजेपी में शामिल हुए सुरेश यादव के इस आक्रामक रुख से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। ‘माता के सम्मान में, सुरेश यादव मैदान में’ का नारा देकर राजनीतिक मुख्यधारा में आए सुरेश यादव ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं की भूमिका पर सार्वजनिक सवाल उठाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे बैकफुट पर हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए जनता से सीधा सवाल पूछा है कि आखिरकार धुरपति देवी को पद से किसने हटाया—कोर्ट ने, चुनाव आयोग ने या नगर विकास विभाग ने? उन्होंने लंबी चुप्पी के बाद सांसद और विधायक को निशाने पर लेने के साथ ही अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वे फिलहाल बीजेपी में ही हैं और जल्द ही सोशल मीडिया पर लाइव आकर इस पूरे प्रकरण की परतों को खोलेंगे।

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