
शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण से महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर : एसडीओ
रक्सौल, 17 सितंबर। (Vor Desk) महिलाओं और बच्चियों को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वच्छ रक्सौल की ओर से गुरुवार को नए महिला प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी नागमणी वर्मा ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया। डीसीएलआर अभिराम कुमार ने भी संयुक्त रूप से केंद्र का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाएं और बच्चियां शामिल हुईं।
समारोह को संबोधित करते हुए एसडीओ नागमणी वर्मा ने कहा कि लड़कियां शिक्षित होंगी, तभी आगे बढ़ सकेंगी। शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण भी जरूरी है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को सिलाई-कटाई, ब्यूटीशियन, मेहंदी, डिजिटल कौशल, छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की सराहना की।

प्रशिक्षण से बदली महिला की जिंदगी
स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए एक महिला का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि एक महिला चार बच्चियों के साथ ट्रेन के सामने जाकर जीवन समाप्त करने की स्थिति में पहुंच गई थी। समय रहते उसे समझाकर सुरक्षित किया गया। इसके बाद उसे पांच महीने का सिलाई-कटाई प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के बाद वह अपने हुनर से प्रतिदिन 600 रुपये से अधिक कमाने में सक्षम है।
रणजीत सिंह ने कहा कि किसी जरूरतमंद महिला को समय पर सहारा, हुनर और अवसर मिल जाए तो उसके जीवन की दिशा बदली जा सकती है। संस्था का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करना है।
इन विधाओं का मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण केंद्र में सिलाई-कटाई (टेलरिंग), ब्यूटीशियन, मेहंदी आर्ट, डिजिटल कौशल, छोटे व्यवसाय के लिए कौशल विकास तथा रोजगार और स्वरोजगार संबंधी मार्गदर्शन दिया जाएगा। संस्था के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं एवं बच्चियों को प्राथमिकता के साथ कौशल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुखिया पन्नालाल साह, किशोरी पटेल, रणधीर कुमार, मुन्ना मिश्र, विपुल सिंह, अवध किशोर यादव, साबरा खातून, श्वेता श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव, केंद्र इंचार्ज नजमा खातून और शिक्षिका अरुणिमा देवी सहित कई लोग मौजूद थे। केंद्र की टीम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम, पाठ्यक्रम, नियमित प्रशिक्षण तथा रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया— “एक हुनर, एक नई पहचान; आत्मनिर्भर नारी, सशक्त समाज की पहचान।” स्वच्छ रक्सौल ने कहा कि सामाजिक सहयोग से इस अभियान को और विस्तार दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं और बच्चियां कौशल प्रशिक्षण लेकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ सकें।
