
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल नगर परिषद में अनुशासनहीनता और सरकारी फाइलों की गोपनीयता भंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। नगर परिषद के दो वरीय कर्मचारियों पर नगर प्रबंधक के कार्यालय कक्ष का अनधिकृत उपयोग करने, सरकारी संचिकाओं को किसी बाहरी व्यक्ति को दिखाने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त करने के संगीन आरोप लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद प्रशासन के आदेश पर हरैया थाने में दोनों कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
नगर परिषद के कर संग्राहक पंकज कुमार सिंह ने नगर परिषद के पत्रांक 680 (दिनांक 8 सितंबर 2026) के माध्यम से प्राप्त आधिकारिक आदेश के आलोक में हरैया थाने में आवेदन दिया है। शिकायत में नगर परिषद के प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा और उच्च वर्गीय सहायक मृत्युंजय मृणाल को नामजद अभियुक्त बनाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
आवेदन के अनुसार, दोनों कर्मियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के नगर प्रबंधक के सरकारी कार्यालय कक्ष का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उन्होंने कमरे में एक बाहरी व्यक्ति को बैठाया और नगर परिषद से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील व महत्वपूर्ण सरकारी संचिकाएं (फाइलें) उसे दिखाईं। इसके अलावा कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे को गलत नीयत से क्षतिग्रस्त कर दिया गया, ताकि कमरे के भीतर हुई संदिग्ध गतिविधियों के साक्ष्य सामने न आ सकें। शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश, सरकारी कार्य में बाधा डालने और गोपनीयता भंग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: कार्यपालक पदाधिकारी मामले की गंभीरता पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय में अनुशासनहीनता और सरकारी संचिकाओं के रख-रखाव में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे को नुकसान पहुंचाया गया है। पूर्व में भी ऐसी कुछ घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसको देखते हुए अब विभाग पूरी तरह सतर्क है और सख्त कदम उठा रहा है।
मामले की जांच में जुटी हरैया थाना पुलिस हरैया थाना प्रभारी किशन कुमार पासवान ने नगर परिषद से आवेदन मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और स्थिति के आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों के आधार पर प्राथमिकी में कौन-कौन सी धाराएं लगाई जाएंगी और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
