
रक्सौल।(Vor desk)।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल समेत सीमावर्ती क्षेत्रों और नेपाल के विस्तृत भू-भाग में मंगलवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल के पश्चिमोत्तर हिस्से में स्थित मुस्तांग जिले को केंद्र बनाकर आए इस भूकंप का असर राजधानी काठमांडू से लेकर भारतीय सीमांत शहर रक्सौल तक देखने को मिला।
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के प्रमुख लोकविजय अधिकारी के अनुसार, मंगलवार की रात नेपाली समयानुसार 9:53 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.3 मापी गई। भूकंप का मुख्य केंद्र काठमांडू से करीब 375 किलोमीटर दूर मुस्तांग जिले के लोमान्थांग क्षेत्र में था। युरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलोजिकल सेन्टर के मुताबिक, इसका केंद्र जमीन की सतह से लगभग 35 किलोमीटर गहराई में स्थित था।
भूकंप के झटके नेपाल की राजधानी काठमांडू और उसके आसपास के जिलों के साथ-साथ पड़ोसी मनांग, डोल्पा और म्याग्दी में भी प्रमुखता से महसूस किए गए। रात के समय अचानक धरती हिलने से कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रभावित क्षेत्रों से फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की खबर नहीं है।

उधर, रक्सौल और पूरे पूर्वी चंपारण जिले में भी झटकों का अहसास हुआ। वैज्ञानिकों के अनुसार, केंद्र से दूरी अधिक होने के कारण सीमावर्ती भारतीय इलाकों में केवल हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए, जो सामान्यतः 3.0 से 4.0 तीव्रता के स्थानीय भूकंप जैसा अहसास कराते हैं। लोगों ने बताया कि घर के पंखे, बेड और बर्तन हल्के हिलते हुए महसूस हुए। रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों में किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी स्थानीय लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। रक्सौल के संगीत गुप्ता, धनपत साह, शिखा गुप्ता और श्याम कुमार समेत कई अन्य निवासियों ने भूकंप के झटके महसूस होने की पुष्टि की। मुख्य केंद्र पहाड़ी क्षेत्र में और जमीन के काफी अंदर होने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
