
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और गोरखा जिलों से होकर बहने वाली भोटेकोशी तथा त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड की भीषण त्रासदी की आंच अब भारतीय सीमा तक पहुंचने लगी है। एक तरफ जहां नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही के बाद राहत व बचाव अभियान जारी है और कई लोग लापता हैं, वहीं दूसरी ओर बृहस्पतिवार को रक्सौल क्षेत्र से होकर बहने वाली मारलहिया नदी में एक अज्ञात शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
मारलहिया नदी में पानी के तेज बहाव के बीच तैरता हुआ शव देखने के बाद स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की तत्काल सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नदी से बाहर निकाला और कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुए भूस्खलन और हिमझील फटने के बाद आई भीषण तबाही के मद्देनजर प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि यह शव सीमा पार नेपाल से आई बाढ़ के प्रचंड बहाव में बहकर मारलहिया नदी तक पहुंचा हो सकता है। हालांकि, मृतक भारतीय नागरिक है या नेपाली, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक तलाशी में शव के पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य सामान बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी तत्काल शिनाख्त की जा सके।
आपदा की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत सीमावर्ती भारतीय थानों के साथ-साथ नेपाल की संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन से भी संपर्क साधा जा रहा है, ताकि रसुवा त्रासदी के बाद दर्ज कराई गई गुमशुदगी की रिपोर्टों से इसका मिलान किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के साथ-साथ पहचान स्थापित होने के बाद ही मौत के सही कारणों और स्थिति का पूरा खुलासा हो सकेगा।
