
सैकड़ों लोगों ने सड़क पर उतर जताया आक्रोश, बोले—अधिकारी सुरक्षित नहीं तो आम नागरिकों की सुरक्षा कौन करेगा? दोषियों की गिरफ्तारी, परिवार को नौकरी-मुआवजे की मांग
रक्सौल। (Vor desk) डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी स्व. विमल कुमार की निर्मम हत्या ने रक्सौल को भी झकझोर दिया। बुधवार शाम शहर की सड़कों पर निकला कैंडल मार्च सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षित समाज की मांग को लेकर उठी सामूहिक आवाज बन गया। बाटा चौक से निकले मार्च में सैकड़ों नागरिकों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर हत्या के विरोध में आक्रोश जताया और सरकार से दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की मांग की।
मार्च बैंक रोड चौक और थाना चौक होते हुए सूर्य मंदिर के समीप पहुंचा, जहां सभा आयोजित हुई। जलती मोमबत्तियों के बीच लोगों ने स्व. विमल कुमार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
‘जब अधिकारी सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी कैसे सुरक्षित?’
सभा में लोगों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि सरकारी पदाधिकारी की हत्या जैसी घटना व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। लोगों ने सरकार से हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा देने तथा पदाधिकारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
सभा में लोगों ने कहा कि ऐसी निर्मम घटनाओं पर केवल संवेदना पर्याप्त नहीं है। अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाकर कड़ी कार्रवाई ही दिवंगत अधिकारी और उनके परिवार के प्रति वास्तविक न्याय होगा।
कैंडल मार्च में नगर परिषद के कार्यवाहक सभापति के पति सह चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राकेश कुशवाहा, पार्षद सोनू कुमार गुप्ता, विमल सर्राफ, रजनीश प्रियदर्शी, पावर्ती तिवारी, राकेश रंजन वर्मा, राजू कुमार, रवि गुप्ता, दीपक गुप्ता, चंदन कुमार, धीरज कुमार, अजय कुमार, नुरूल्लाह खान, राकेश रंजन, छोटेलाल चौरसिया, रामनरेश प्रसाद कुशवाहा, पंकज कुमार सिंह, ई. राज कुमार राय, अजीत कुमार, बैजू जायसवाल, राजू सिंह, परवीन सिंह और नागेन्द्र पटेल सहित सैकड़ों स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
सूर्य मंदिर परिसर में मोमबत्तियों की रोशनी के बीच लोगों ने दोहराया—विमल कुमार को न्याय मिले और हत्याकांड के दोषियों को जल्द से जल्द कानून के तहत सजा मिले।
