
रक्सौल। (VoR DesK)। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी के तहत सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 47वीं वाहिनी, रक्सौल ने शुक्रवार को अपने मुख्यालय परिसर में व्यापक दंगा नियंत्रण (Riot Control) एवं आपात प्रतिक्रिया अभ्यास आयोजित किया। अभ्यास का उद्देश्य जवानों को हिंसक प्रदर्शन, उग्र भीड़, आपात स्थिति और संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं नियंत्रित कार्रवाई के लिए तैयार करना था।
अभ्यास के दौरान जवानों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के प्रभावी उपयोग, विभिन्न ऑपरेशनल फॉर्मेशन, उग्र भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति तथा आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए कम से कम बल प्रयोग के सिद्धांत पर विशेष जोर दिया और बताया कि भीड़ को नियंत्रित करते समय संयम, अनुशासन और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जवानों ने सुरक्षा कवच और दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ आगे बढ़ने, उग्र भीड़ को सुरक्षित तरीके से तितर-बितर करने, संवेदनशील हालात में समन्वित कार्रवाई करने तथा किसी भी स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों का वास्तविक परिस्थितियों जैसा प्रदर्शन कर जवानों की प्रतिक्रिया क्षमता को भी परखा गया।
अभ्यास का महत्वपूर्ण हिस्सा रेस्क्यू एवं इमरजेंसी रिस्पॉन्स भी रहा। जवानों को प्रशिक्षण दिया गया कि किसी हिंसक घटना या हमले के दौरान यदि कोई साथी जवान अथवा नागरिक घायल हो जाए, तो उसे किस प्रकार सुरक्षित तरीके से घटनास्थल से निकालकर प्राथमिक सहायता एवं सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाए। इस दौरान त्वरित निर्णय, आपसी समन्वय और टीमवर्क पर विशेष बल दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात SSB की भूमिका केवल सीमा की निगरानी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बल निभाता है। ऐसे नियमित अभ्यास जवानों की ऑपरेशनल दक्षता, सामूहिक समन्वय, आत्मविश्वास और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक मजबूत बनाते हैं।
अभ्यास के समापन पर अधिकारियों ने जवानों को हर परिस्थिति में अनुशासन, संयम और मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखते हुए कर्तव्य निर्वहन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए SSB के जवानों का हर समय प्रशिक्षित, सतर्क और तैयार रहना अत्यंत आवश्यक है। नियमित अभ्यास इसी उद्देश्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
