
रक्सौल/सुगौली।(Vor desk)। दिल्ली-काठमांडू को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 527डी (NH-527D) पर बुधवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चावल से लदा एक मालवाहक ट्रक रक्सौल से सुगौली की ओर जा रहा था। फ्लाईओवर पर पहुंचते ही चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार ट्रक सड़क किनारे पैदल जा रहे लोगों को रौंदते हुए आगे बढ़ गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
दुर्घटना में सिंहोरवा गांव निवासी 55 वर्षीय मुन्नी देवी, (पति यदोलाल पटेल) तथा उनकी 36 वर्षीय बेटी सीमांतर देवी( पति शशि पटेल) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मां और बेटी की एक साथ मौत से सिंहोरवा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, हाईवे पर लगाया जाम
हादसे से आक्रोशित लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को घेर लिया और राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रक चालक की लापरवाही को दुर्घटना का कारण बताते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल सरकारी मुआवजा देने की भी मांग उठाई।
ग्रामीणों ने कहा कि इस मार्ग पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
भारत-नेपाल मार्ग पर यातायात प्रभावित
हाईवे जाम होने के कारण भारत-नेपाल को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई किलोमीटर तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन द्वारा जाम समाप्त कर यातायात सामान्य कराने की कोशिश जारी थी, जबकि पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई थी।
