
-जनसंपर्क अभियान में जुटे संभावित उम्मीदवार
रक्सौल। (Vor desk)
रक्सौल नगर परिषद के सभापति पद के लिए प्रस्तावित उपचुनाव को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अब तक चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी नहीं किए जाने से संभावित प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में मायूसी एवं बेचैनी बढ़ती जा रही है। हालांकि चुनाव की उम्मीद में दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेज किए हुए हैं और जनता के बीच लगातार सक्रिय बने हुए हैं।
गौरतलब है कि नगर परिषद की तत्कालीन सभापति धुरपति देवी को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अगस्त 2025 में पद से हटाया गया था। इसके बाद अप्रैल 2026 में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिससे सभापति का पद आधिकारिक रूप से रिक्त हो गया। तभी से नगर परिषद में उपचुनाव कराए जाने की चर्चा शुरू हो गई थी और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई थीं।
उपचुनाव की संभावना को देखते हुए कई संभावित उम्मीदवार वार्डों और मोहल्लों में लगातार बैठकें कर रहे हैं। घर-घर संपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं तथा सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता बढ़ गई है। लेकिन चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं होने से पूरा चुनावी माहौल असमंजस की स्थिति में बना हुआ है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी होते ही चुनावी गतिविधियां पूरी तरह रफ्तार पकड़ लेंगी। फिलहाल सभी की निगाहें आयोग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
इधर, शहरवासियों का कहना है कि नगर परिषद लंबे समय से पूर्णकालिक नेतृत्व के अभाव में काम कर रही है। उपसभापति पुष्पा देवी पिछले करीब दस महीनों से कार्यवाहक सभापति के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। स्थानीय लोगों का तर्क है कि किसी निर्वाचित पद के रिक्त होने की स्थिति में निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव कराया जाना चाहिए, ताकि जनता को अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिल सके और विकास कार्यों को नई गति मिले।
शहर में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि यदि उपचुनाव में और अधिक विलंब हुआ तथा प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होने लगी, तो सरकार प्रशासक नियुक्त करने पर विचार कर सकती है। हालांकि कानूनी जानकारों का कहना है कि रक्सौल की स्थिति अन्य निकायों से कुछ अलग है, क्योंकि राज्य में नगर निकायों का आम चुनाव नवंबर 2022 में हुआ था और अगला सामान्य चुनाव नवंबर 2027 में प्रस्तावित है।
ऐसे में रक्सौल नगर परिषद के उपचुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के फैसले पर निर्भर मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आयोग कब अधिसूचना जारी करता है और बहुप्रतीक्षित उपचुनाव की प्रक्रिया कब शुरू होती है। तब तक संभावित प्रत्याशी, समर्थक और आम नागरिक इंतजार के साथ अपनी-अपनी तैयारियां जारी रखे हुए हैं।
