
रक्सौल। (Vor desk)
0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए 28 जून से 2 जुलाई तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को रक्सौल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके लिए 96 हाउस-टू-हाउस टीम, 35 ट्रांजिट टीम, दो मोबाइल टीम तथा 35 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान एक भी बच्चा नहीं छूटना चाहिए, क्योंकि ऐसा होने पर पोलियो से सुरक्षा का चक्र कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक गुरुओं, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारत पोलियो मुक्त देश है, लेकिन पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नाइजीरिया और ईरान जैसे देशों में अभी भी पोलियो वायरस का प्रकोप बना हुआ है। भारत-नेपाल खुली सीमा होने तथा दोनों देशों के बीच लगातार आवागमन के कारण रक्सौल क्षेत्र को विशेष रूप से संवेदनशील माना गया है। इसी को देखते हुए मैत्री पुल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य ट्रांजिट प्वाइंट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा सीमा पार से आने-जाने वाले बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
बैठक में अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता रैली निकालने तथा भेलाही मुसहरवा और मनोकामना मंदिर के समीप तोरण द्वार लगाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य प्रबंधक आशीष कुमार, बीसीएम सुमित कुमार सिन्हा, डब्ल्यूएचओ के फील्ड मॉनिटर नूर सलाम, नगर परिषद के सिटी मैनेजर अविनाश कुमार राव, प्रधान सहायक चंद्रेश्वर बैठा, जन जागरण संस्थान के समन्वयक राज कुमार पांडेय, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी, सामाजिक कार्यकर्ता अजय बाबल, उमेश सिकरिया, विनोद केशरीवाल, पूर्व वार्ड पार्षद योगेंद्र प्रसाद, बीआरसी के विभूति भूषण चौबे, जीविका के अविनाश कुमार तथा महिला पर्यवेक्षिका प्रियंका कुमारी सहित विभिन्न विभागों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक के अंत में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी अभिभावकों से अपील की गई कि वे 28 जून से 2 जुलाई तक चलने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं तथा देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करें।
