
भरतपुर (चितवन)।(Vor desk)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भारत-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा मंगलवार, 16 जून 2026 को चितवन जिले के भरतपुर स्थित नारायणी नदी के रमणीय तट पर विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राकृतिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नेपाल सरकार की सहकारी एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री सुश्री बिनु राई माँझी थीं, जबकि इसकी अध्यक्षता भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज के महावाणिज्य दूत श्री देवी सहाय मीना ने की।
इस अवसर पर चितवन के प्रमुख जिला अधिकारी श्री गणेश अर्याल, चितवन के पुलिस अधीक्षक, राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग (एनआईडी) चितवन के एसपी सहित विभिन्न सरकारी एवं सुरक्षा निकायों के वरिष्ठ अधिकारी तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में नेपाल-भारत मैत्री संघ, पतंजलि योग समिति, उद्योग एवं वाणिज्य संघ, आर्ट ऑफ लिविंग, भूतपूर्व सैनिक संगठन समेत विभिन्न सामाजिक एवं पेशागत संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भागीदारी निभाई। स्थानीय नागरिकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में महावाणिज्य दूत श्री देवी सहाय मीना ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जो आज संपूर्ण विश्व के लिए स्वास्थ्य और कल्याण का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि योग दोनों पड़ोसी देशों भारत और नेपाल के बीच साझा सांस्कृतिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य कर रहा है।
मुख्य अतिथि सुश्री बिनु राई माँझी ने योग को स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली की आधारशिला बताते हुए कहा कि नियमित योग अभ्यास तनावमुक्त, सकारात्मक और ऊर्जावान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों द्वारा सामान्य योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन कराया गया, जिसमें उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। नारायणी नदी के शांत और सुरम्य वातावरण में आयोजित इस योग सत्र ने प्रतिभागियों को प्रकृति के सान्निध्य में स्वास्थ्य और आत्मिक शांति का अनूठा अनुभव प्रदान किया।
