
वीरगंज। (VOR desk)। बिहार में तपती गर्मी और उमस से परेशान लोगों के बीच इन दिनों एक नारा तेजी से लोकप्रिय हो रहा है—“गर्मी से बेहाल, चलो नेपाल!”। भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल से महज 30 किलोमीटर आगे बढ़ते ही मौसम, माहौल और फिज़ा बदल जाती है। हरियाली, पहाड़, जंगल, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नेपाल अब भारतीय पर्यटकों के लिए पहले से कहीं अधिक आकर्षक बनता जा रहा है। इसी सोच को नई उड़ान देने के लिए शुक्रवार से रविवार तक वीरगंज में तीन दिवसीय मधेश ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन किया गया।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के सहयोग से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ वीरगंज के होटल सरोवर में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता नाटा मधेश प्रदेश के अध्यक्ष एवं संयोजक मोहन शर्मा लामिछाने ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका के उपप्रमुख भोला प्रसाद अधिकारी मौजूद रहे।
भारत और नेपाल के पर्यटन व्यवसायियों, उद्योगपतियों, पत्रकारों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को सीमापार पर्यटन सहयोग का बड़ा मंच बना दिया। भारतीय महावाणिज्यदूत देवी सहाय मीणा, नेपाल पर्यटन बोर्ड के कार्यकारी प्रमुख हिक्मत सिंह ऐर, वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरि प्रसाद गौतम, उपाध्यक्ष माधव राजपाल, कोशी प्रदेश नाटा के अध्यक्ष पुण्यप्रसाद भट्टराई, ठोरी गांवपालिका के अध्यक्ष लालबहादुर श्रेष्ठ, बिहार टूरिज्म एसोसिएशन के टीम लीडर साकेत राय, भारतीय पर्यटन व्यवसायी सचिन शर्मा सहित दोनों देशों के कई प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।

सिर्फ 30 किलोमीटर और बदल जाती है दुनिया
रक्सौल बॉर्डर पार करते ही वीरगंज, सिमरा और आगे बढ़ते ही मधेश से लेकर पहाड़ी नेपाल तक का वातावरण पर्यटकों को अलग अनुभव देता है। गर्मी से राहत, शुद्ध हवा, प्राकृतिक दृश्य और धार्मिक स्थलों की श्रृंखला भारतीय पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रही है।

आस्था और रोमांच का अनोखा संगम
तीन दिवसीय ट्रैवल मार्ट के दौरान प्रतिभागियों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज तैयार किया गया। इसके तहत बारा जिले के प्रसिद्ध गढ़ीमाई मंदिर, अमलेखगंज स्थित हाईकिंग रूट के तहत सिद्ध बाबा मंदिर दर्शन, परसा नेशनल पार्क में जंगल सफारी,वर्दी वास स्थित तुलेश्वर महादेव मंदिर तथा जनकपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध जानकी मंदिर दर्शन,गंगा आरती ,मिथिला आर्ट गैलरी अवलोकन में सहभागिता के साथ अन्य पर्यटक स्थल का भ्रमण कराया गया है।पहले दिन वीरगंज के होटल सरोवर ,दूसरे दिन सिमरा स्थित होटल क्लासिक और तीसरे दिन जनकपुर कार्यक्रम आयोजित हुआ।इस दौरान तरह तरह स्थानीय व्यंजन परोसा गया।कार्यकम के बीच नेपाल का प्रसिद्घ थारू नृत्य, लाखे नृत्य आदि की प्रस्तुति ने भी इसे यादगार बना दिया।

भारतीय पर्यटकों के लिए सुविधाओं पर जोर
भारतीय पर्यटन व्यवसायी सचिन शर्मा ने नेपाल यात्रा के दौरान आने वाली प्रशासनिक कठिनाइयों और मुक्तिनाथ यात्रा के बढ़ते खर्च का मुद्दा उठाया। वहीं ठोरी गांवपालिका के अध्यक्ष लालबहादुर श्रेष्ठ ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के साथ पर्यटक-अनुकूल व्यवहार की आवश्यकता बताई।
भारतीय महावाणिज्यदूत देवी सहाय मीणा ने कहा कि पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ, मनकामना, जानकी और गढ़ीमाई जैसे धार्मिक स्थलों के कारण भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन का मजबूत आधार मौजूद है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रमुख हिक्मत सिंह ऐर ने भारतीय पर्यटकों के लिए यात्रा को और आसान तथा झंझटरहित बनाने पर बल दिया।

दो देशों के रिश्तों को नई मजबूती
सिमरा और जनकपुर में आयोजित कार्यक्रमों में पर्यटन संभावनाओं और आपसी सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। मोतिहारी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अंगद सिंह, अनुपम जायसवाल, अरविंद सर्राफ, लायंस क्लब रक्सौल के अध्यक्ष विमल सर्राफ, भारत विकास परिषद के रजनीश प्रियदर्शी, वरिष्ठ पत्रकार दीपक अग्निरथ, गणेश शंकर, रवि रंजन वर्मा और मनोज गुप्ता समेत अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वक्ताओं का मानना था कि भारत और नेपाल की मित्रता केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, आस्था और पर्यटन के माध्यम से दोनों देशों की साझेदारी नई ऊंचाइयों को छू सकती है।
और शायद इसी वजह से इस बार सीमा क्षेत्र में एक नया पर्यटन मंत्र गूंज रहा है—
“गर्मी से बेहाल… चलो नेपाल!”
जहां कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर मौसम बदलता है, रोमांच शुरू होता है और प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में आपका स्वागत करती है।
