
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)। शहर के तुमड़िया टोला स्थित नगर परिषद के प्रशासनिक कार्यालय में बुधवार का दिन गहमागहमी और विवादों के नाम रहा। प्रभारी टैक्स दरोगा के पद और कार्यालय में बैठने की व्यवस्था (चेम्बर) को लेकर नगर परिषद के दो गुट आपस में भिड़ गए, जिससे कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना की गूंज अब शहर भर के प्रशासनिक गलियारों में सुनाई दे रही है।
क्या है विवाद की जड़?
विवाद का मुख्य केंद्र टैक्स दरोगा का पद है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पिछले माह तक हिमांशु कुमार प्रभारी टैक्स दरोगा के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे। इसी बीच, 12 मई को आयोजित नगर परिषद की बोर्ड बैठक में बहुमत के आधार पर कर संग्राहक पंकज कुमार सिंह को टैक्स दरोगा के पद पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, यह निर्णय विवादों में घिर गया है। पार्षदों का एक खेमा इस पदोन्नति को लेकर मुखर विरोध कर रहा है। वार्ड पार्षद घनश्याम प्रसाद समेत कई पार्षदों ने इसे अनुचित प्रक्रिया बताते हुए जिला प्रशासन और नगर विकास विभाग से इसकी उच्चस्तरीय शिकायत की है।जबकि,नगर परिषद प्रशासन ने इस मामले में विभाग से मार्ग दर्शन मांगा है।
बुधवार को बिगड़े हालात
तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार की अनुपस्थिति में कार्यालय में दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। बताया जा रहा है कि बोर्ड के निर्णय के बाद हिमांशु कुमार के बैठने के लिए प्रधान सहायक (बड़ा बाबू) चंद्रेश्वर बैठा के कथित मौखिक आदेश पर ग्राउंड फ्लोर पर एक अलग चेंबर में फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। बुधवार को जब पंकज कुमार सिंह ने इस व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई, तो हिमांशु कुमार और अन्य कार्यालय कर्मी भी अपने रुख पर अड़ गए। देखते ही देखते विवाद तू-तू मैं-मैं और नोकझोंक में बदल गया, जिससे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद की कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी ने घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अनुचित करार देते हुए कहा कि इस तरह का आचरण कार्यालय की गरिमा के विरुद्ध है। सभापति ने मामले की जांच का भरोसा देते हुए कहा, “पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए संबंधित कर्मियों को तलब किया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह एमएलसी प्रतिनिधि अखिलेश दयाल ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में मची इस अराजकता को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
फिलहाल, इस विवाद के बाद नगर परिषद कार्यालय में तनाव बरकरार है और शहर में इस बात की चर्चा आम है कि जब तक इस पद और व्यवस्था को लेकर स्पष्ट विभागीय निर्देश नहीं मिलते, तब तक कार्यालय की शांति व्यवस्था पर खतरा बना रहेगा।
