Friday, May 15

रक्सौल कनेक्शन और राजनीतिक महत्वाकांक्षा: NEET-एमबीबीएस एडमिशन रैकेट में गिरफ्तारी के बाद चर्चा में संतोष जायसवाल

रक्सौल/मोतिहारी।(Vor desk)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा कथित NEET और MBBS एडमिशन रैकेट मामले में गिरफ्तारी के बाद राजद से जुड़े रहे संतोष कुमार जायसवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन क्षेत्र से निकलकर बिहार की राजनीति में तेजी से पहचान बनाने वाले संतोष जायसवाल का नाम अब करोड़ों रुपये की कथित ठगी और एडमिशन नेटवर्क से जुड़ने के आरोपों के कारण चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।

संतोष जायसवाल मूल रूप से पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन उत्तरी पंचायत के निवासी बताए जाते हैं। स्थानीय स्तर पर उनका प्रभाव और आर्थिक संपन्नता लंबे समय से चर्चा में रही है। गांव में उनका आलीशान आवास है, जबकि उनका अधिकांश समय दिल्ली, मुंबई ,चेन्नई और पटना जैसे शहरों में बीतता रहा।

बताया जाता है कि राजनीतिक सक्रियता के दौरान एक हवाई यात्रा में उनकी पहचान राष्ट्रीय जनता दल के कई नेताओं से बनी। बाद में उन्हें पार्टी संगठन में राष्ट्रीय सचिव जैसी जिम्मेदारी भी मिली। वर्ष 2020 के बाद उन्होंने पूर्वी चंपारण के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों, खासकर ढाका, घोड़ासहन और रक्सौल में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास शुरू किया। पोस्टर, बैनर, जनसंपर्क अभियान और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता के जरिए उन्होंने खुद को संभावित उम्मीदवार के रूप में स्थापित करने की कोशिश की।

2025 विधानसभा चुनाव में अचानक बढ़ी चर्चा

पिछले विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान संतोष जायसवाल का नाम रक्सौल विधानसभा सीट से राजद टिकट के संभावित दावेदार के रूप में तेजी से उभरा था। हालांकि बाद में सीट कांग्रेस के खाते में चली गई, जिसके बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता धीरे-धीरे कम होती गई। ढाका में उनकी सक्रियता रही और वहां से फैसल रहमान जीत गए।

राजनीतिक हलकों में चर्चा रही कि रक्सौल में उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के माध्यम से मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जाता रहा कि वे रक्सौल से मसाला कारोबार का संचालन करते थे। कम समय में ही उन्होंने समर्थकों और करीबियों का बड़ा दायरा खड़ा कर लिया था।

राजद के एक सम्मेलन के दौरान रक्सौल में उनके समर्थक गुट और अन्य स्थानीय नेताओं के बीच तनाव और गुटबाजी की चर्चा भी सामने आई थी। उस समय से ही संगठन के भीतर उनके बढ़ते प्रभाव को लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं।हालाकि,विधान सभा चुनाव के बाद उन्होंने बिहार के बाहर समय देना शुरू किया।पश्चिम बंगाल चुनाव में भी उनकी सक्रियता की सूचना थी।अप्रैल2026 में वे रक्सौल में आयोजित प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में बतौर अतिथि सम्मिलित हुए थे।अब समर्थकों को विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसा भी हो सकता है ।कुछ समर्थकों का मानना है कि चुनावी राजनीति को ले कर सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया है।

गिरफ्तारी के बाद रक्सौल लिंक पर भी चर्चा

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उनके कथित नेटवर्क और संपर्कों पर भी बताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में रक्सौल कनेक्शन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित एडमिशन नेटवर्क के संचालन में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

गिरफ्तारी के बाद उनके कुछ करीबी सहयोगियों और संपर्कों को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अब तक किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई या पुष्टि नहीं हुई है।

इधर, राजद नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राम बाबू यादव ने भी संतोष जायसवाल पर निशाना साधते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति को बदनाम करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं पूर्वी चंपारण और रक्सौल के राजनीतिक हलकों में संतोष जायसवाल की गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।

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