
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल नगर परिषद में रिक्त टैक्स दरोगा पद पर प्रोन्नति को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विवाद मंगलवार को हंगामेदार बैठक और मतदान के बाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। तीखी बहस, गंभीर आरोप-प्रत्यारोप और पार्षदों के अप्रत्याशित रूप से बदलते रुख के बीच आखिरकार कर संग्राहक पंकज कुमार सिंह की प्रोन्नति के प्रस्ताव को बहुमत से मंजूरी दे दी गई।
सदन में टकराव और वोटिंग का परिणाम
नगर परिषद की विशेष बैठक में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का मुख्य केंद्र रहा। सत्ता पक्ष की ओर से मोहम्मद अब्बास, रवि गुप्ता , मुकेश कुमार आदि ने प्रोन्नति का पुरजोर समर्थन किया, जबकि विपक्षी पार्षद अंतिमा देवी, डिंपल चौरसिया, घनश्याम प्रसाद , सोनू गुप्ता,अनुरागिनी देवी,आशा देवी,सुगंधी देवी आदि ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध किया। अंततः आम सहमति न बनने पर कराई गई वोटिंग में प्रस्ताव के पक्ष में 13 मत पड़े, जबकि 8 पार्षदों ने विरोध में मतदान किया। बहुमत के आधार पर सदन ने पंकज कुमार सिंह की प्रोन्नति को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी।
चर्चा में रहा पार्षदों का बदला हुआ रुख
बैठक का सबसे चौंकाने वाला पहलू उन पार्षदों का हृदय परिवर्तन रहा, जिन्होंने पूर्व में इस प्रक्रिया को अवैध बताते हुए जिला प्रशासन से लिखित शिकायत की थी।गौरतलब है कि पहले कुल 25 में 19 पार्षदों ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपकर वीडियोग्राफी जांच के साथ उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की थी।इस आवेदन पर आशा देवी, नीलाक्षी श्रीवास्तव, सायरा खातून, घनश्याम प्रसाद, जितेंद्र दत्ता, सोनू गुप्ता, वीरेंद्र प्रसाद, अनुरागिनी देवी, रविता देवी, अंतिमा देवी, रम्भा देवी, डिंपल चौरसिया, सीमा गुप्ता, सुगंती देवी, सुगंधी देवी, कांति देवी, आशा देवी ,कुंदन कुमार ,पन्ना देवी के हस्ताक्षर थे।
हालांकि, मंगलवार की बैठक में उन्हीं में से 11 पार्षद यू टर्न लेते हुए अचानक प्रस्ताव के समर्थन में खड़े दिखाई दिए, जो पूरे शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नियमों के उल्लंघन का आरोप और विभागीय प्रक्रिया
विवाद की पृष्ठभूमि 27 अप्रैल की बैठक से जुड़ी है, जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया था कि 17मार्च 2026के बैठक की प्रोसीडिंग कॉपी 72 घंटे पहले उपलब्ध नहीं कराई गई और एजेंडा बंद कमरे में तय किया गया।साथ ही कर संग्राहक पंकज सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर अजीत कुमार श्रीवास्तव की प्रोन्नति का प्रस्ताव बिना पूर्व चर्चा,सूचना के नियम विरुद्ध एजेंडा में शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाए गए थे और सदन का बहिष्कार किया गया था।
मंगलवार की बैठक के अंत में पार्षद सोनू गुप्ता ने 8 पार्षदों के विरोध को कार्यवाही पंजी में दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया कि सदन की शक्ति विभागीय नियमों से ऊपर नहीं हो सकती।विभाग के मंतव्य के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया की जाए ।कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि सदन से मंजूरी मिलने के बाद अब विस्तृत प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा जाएगा, जिसकी अंतिम स्वीकृति के बाद ही प्रोन्नति प्रभावी होगी।खास बात यह रहा कि बैठक के दौरान पार्षद जितेंद्र दत्ता व रणजीत श्रीवास्तव अनुपस्थित रहे, वहीं रम्भा देवी अस्वस्थता के कारण कार्यवाही बीच में ही छोड़कर चली गईं।

