Wednesday, May 13

मैत्री पुल पर बवाल: नेपाल पुलिस के लाठी चार्ज में भारतीय ई-रिक्शा चालक घायल, रक्सौल-वीरगंज सीमा पर बढ़ा तनाव

रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल-वीरगंज सीमा स्थित मैत्री पुल सोमवार शाम अचानक तनाव का केंद्र बन गया, जब नेपाल पुलिस और भारतीय ई-रिक्शा चालकों के बीच विवाद के बाद लाठीचार्ज की नौबत आ गई। इस घटना में रक्सौल के लक्ष्मीपुर निवासी ई-रिक्शा चालक अनवर आलम घायल हो गए। उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही खून बहने लगा।

घायल चालक अनवर आलम ने बताया कि वह एक नेपाली मरीज को मैत्री पुल तक छोड़ने गया था। मरीज को उतारने के दौरान ही नेपाल पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी गलती के उनके साथ मारपीट की गई और ई-रिक्शा भी जब्त कर लिया गया। बाद में काफी मिन्नतों के बाद वाहन वापस किया गया।

अनवर आलम ने कहा कि पहले भारतीय ऑटो और ई-रिक्शा को शंकराचार्य गेट तक आने-जाने की अनुमति थी, लेकिन अब उन्हें मैत्री पुल से आगे नहीं बढ़ने दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय चालकों के साथ आए दिन दुर्व्यवहार होता है, जबकि नेपाली ऑटो और ई-रिक्शा भारतीय कस्टम क्षेत्र तक आसानी से आते-जाते हैं।

घटना के बाद भारतीय रिक्शा चालकों और यूनियन में भारी नाराजगी फैल गई। चालकों ने नेपाल पुलिस की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए विरोध जताया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।शिकायत स्थानीय प्रशासन से की गई है ।रिक्शा चालक श्रमिक संघ के संयोजक प्रदीप भारती,अध्यक्ष ब्रह्मदेव पटेल और महासचिव नवीन मणि गिरी ने कहा है कि दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्तों के बीच ऐसी ज्यादती ठीक नहीं।यदि यही रवैया रहा,तो,यूनियन चुप नहीं बैठेगा।उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास से भी शिकायत की प्रक्रिया की जा रही है।

इधर,स्थिति बिगड़ने के बाद ने मैत्री पुल क्षेत्र में नेपाल की ओर से सुरक्षा बढ़ा दी।नेपाल आर्म्ड पुलिस के डीएसपी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

नेपाल पुलिस का कहना है कि शाम करीब पांच बजे कुछ भारतीय ऑटो चालकों ने ड्यूटी पर तैनात सशस्त्र पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई और दुर्व्यवहार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। हालात तनावपूर्ण होने पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया। पुलिस ने चार भारतीय ऑटो चालकों को हिरासत में लिया और चार ऑटो भी जब्त किए।

फोर्स के डीएसपी बिकाश अधिकारी के अनुसार मैत्री पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। भीड़ को हटाने और माहौल शांत करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा तथा लोगों को भारतीय सीमा की ओर खदेड़ा गया। इस दौरान कुछ चालक मौके से भाग निकले।

घटना के दौरान नेपाली पत्रकार का मोबाइल फोन भी पुलिस द्वारा कुछ देर के लिए कब्जे में लेने का मामला सामने आया। पुलिस का कहना है कि बिना प्रेस कार्ड और प्रेस जैकेट के वीडियो बनाने पर संदेह के आधार पर मोबाइल लिया गया था, जिसे पहचान स्पष्ट होने के बाद वापस कर दिया गया।

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