
रक्सौल।(Vor desk)।क्षेत्रीय सांसद डा संजय जायसवाल का रक्सौल पहुंचने पर खूब स्वागत हुआ।उनके साथ सुगौली के एलजेपी विधायक बबलू गुप्ता और नरकटिया के जेडीयू विधायक विशाल साह भी थे।प्रोटोकॉल के तहत कार्यकर्ताओं को स्वागत करना होता है।इस स्वागत में खास यह रहा कि खूब ढोल नगाड़े बजे,बैंड बाजा,माला,दो शाला से उन सभी का खैर मकदम हुआ।
यह स्वागत पश्चिम बंगाल जीत के कारण हुआ।बिहार में भाजपा के मुख्य मंत्री बनने के कारण हुआ ।या रक्सौल एयरपोर्ट के टेंडर होने के कारण हुआ,इस पर चर्चा तेज हो चली है।हालाकि,जन प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पोस्ट में एयरपोर्ट के टेंडर के कारण ही स्वागत होने की बात स्वीकारी है,जिस पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रो अखिलेश दयाल ने तंज कसने के साथ ही उन्हें घेरते हुए सवाल खड़े किए हैं।

यह स्वागत तब और चर्चे में आ गया,जब बिहार में बीजेपी सरकार के कैबिनेट का गठन हुआ,और उसमें एक भी मंत्री पूर्वी चंपारण से नहीं बन सका।यानी इस मामले में डा संजय जायसवाल भी फेल साबित हुए।सभी पूर्वी चंपारण वासी हतप्रभ है कि आखिर यहां से एक भी मंत्री क्यों नहीं बनाया गया।कार्यकर्ता कोस रहे हैं,मंथन में है,यह किसी से छुपा नहीं है।यह केवल प्रतिनिधित्व की बात नहीं,बल्कि,जिले को नजरंअंदाज करने वाली बात है।यहां 12में 11विधायक विधायक एनडीए के हैं और नीतीश सरकार में लगातार कई मंत्री रह चुके हैं।इसमें केवल ढाका विधायक फैसल रहमान कहने को राजद से हैं। रक्सौल से सैकड़ों कार्यकर्ता शपथ ग्रहण में शरीक होने पटना गए थे,मंत्री पद के दावेदाओं की तैयारी खूब हुई थी,पर नौबत यह आई कि कार्यकर्ता फ्लैट तक सिमट कर रह गए।मायूसी चेहरों पर साफ दिखी।

रही बात रक्सौल एयरपोर्ट की तो पीएम पेकेज की घोषणा2016में हुई थी।उसका ढिंढोरा कई वर्ष पिटा गया।भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई,तो,लोक सभा चुनाव के ठीक पूर्व इसको भुनाने की कवायद जो शुरू हुई,वह विधान सभा चुनाव तक खूब चला।अब टेंडर हुआ है,जून2026 में खुलेगा,इस पर वाह वाही शुरू है।क्रेडिट लूटने की होड़ है।जबकि ,केंद्र सरकार की नागरिक उड्डयन विभाग की प्रक्रिया है।शायद अब पुनर्निमाण शिलान्यास और उद्घाटन के लिए भी इनोवेशन की तैयारी अंदरखाने में होगी,इसमें शक नहीं।
हमारे सांसद आए हैं,इस पर नगाड़ा ढोल बजाना चाहिए।लेकिन,क्यों बजना चाहिए,जब वे हमारे क्षेत्र के सांसद हैं,तब पूछना लाजिमी है कि ऐसा क्या हो गया?जिस पर कार्यकर्ता और हाली मोहाली इतने उछल रहे हैं।

बड़े शर्म की बात यह है कि ढोल बजाने वाले कार्यकर्ता
उनसे यह नहीं कह सके कि हुजूर… रक्सौल कोईरिया टोला पुल जल्द बनवा दीजिए!स्कूली बच्चे से ले कर हजारों कामकाजी लोग इससे परेशान हैं।अहम तो यह है कि कार्यकर्ता स्वागत के बाद उन्हें आईसीपी बाईपास से होते हुए ले आते,ले जाते हैं, ताकि,यह दृश्य दिखे नहीं।जन प्रतिनिधियों की चुप्पी तोड़वाने की जहमत छोड़िए,ये हाली मोहाली भी मुंह खोलने से बचते दिखते हैं।

क्षेत्र के बारे में कौन कार्यकर्ता कितना सवाल पूछते हैं,यह आंकड़ा तो उन्ही के पास होगा।लेकिन,यह कोई नहीं पूछने वाला कि रक्सौल में मुख्य पथ और परेउवा गुमटी 33और33ए यही दो दो ओवरब्रिज का टेंडर/शिलान्यास होने के बाद निर्माण कहां लटक गया? रक्सौल से पाटलिपुत्र के लिए चलने वाली इंटरसिटी बंद क्यों हुई।संसद में सवाल उठने के बाद भी अब तक यह ट्रेन दुबारा रिस्टोर क्यों नहीं हो सकी!
रक्सौल में बस स्टैंड कहां है और यह चालू क्यों नहीं हो रहा है? सरकार को भारी राजस्व का चुना लग रहा है,इस पर चुप्पी क्यों है?
रक्सौल रेलवे रोड में रेलवे की खाली जमीन पर स्टेडियम क्यों नहीं बन रहा?हजारीमल स्कूल के फील्ड ग्राउंड से रेलवे ने यहां के बच्चों,खिलाड़ियों को वंचित क्यों कर रखा है?जबकि,इसके लिए स्वयं सांसद महोदय के पिता व तत्कालीन सांसद स्व .डा मदन जायसवाल जी ने वायदा किया था और सरकार,रेल विभाग को पत्र लिखा था।

जिस रेलवे रोड के दोनों ओर सैकड़ों दुकानें हजारों लोगों को जिलाती थी,उसे अतिक्रमण के नाम पर हटा कर कॉर्पोरेट को क्यों दिया गया?जिनका आप बंगाल में विरोध कर सत्ता पाए,उन्हीं को रेलवे लैंड में मॉल शॉप बनाने का जिम्मा देकर चालीस चालीस लाख में दुकानें क्यों बिकवा रहे हैं? बेरोजगारो को नहीं तो कम से कम कार्यकर्ताओं को बसा देते,तो उन्हें सड़क पर नेताओं के पीछे बेरोजगारी नहीं काटनी पड़ती।
तकलीफ लगना स्वाभाविक है,लेकिन,पब्लिक की तकलीफ को देखना जन प्रतिनिधियों की प्राथमिकता होनी चाहिए!
*कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रो अखिलेश दयाल ने कसा तंज

इस पूरे प्रसंग पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रो. अखिलेश दयाल ने तंज कसते हुए कहा कि सांसद डा संजय जायसवाल और उनके विधायकगण कांग्रेस के किए को अपनी उपलब्धि बता कर क्रेडिट लूटने का काम कर रहे हैं।यदि उन्हें समर्थकों के साथ उत्सव मनाना था तो उन्हें पांच करोड़िया पुल से आना चाहिए था,और ढोल ताशा बजा कर बताना चाहिए था कि वे क्या कर रहे हैं।श्री दयाल ने कहा कि रक्सौल में सांसद की कोई उपलब्धि नहीं है।टेंडर और शिलान्यास के बाद ओवरब्रिज पर आज तक काम चालू नहीं हो सका है।आईसीपी और आईसीपी बाईपास का शिलान्यास 2010में तत्कालीन यूपीए सरकार के गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने किया था ,जहां सांसद न तो पब्लिक मूवमेंट चालू करा सके, न बाईपास को फोर लेन बना सके।उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जो सांसद रक्सौल से अपनी इंटरसिटी ट्रेन नहीं चालू करा सका,उससे एयरपोर्ट क्या चालू होगा? रक्सौल एयरपोर्ट कांग्रेस कार्यकाल में बनी है,इस पर ढोल पीटना कहीं से शोभा नहीं देता।अंधभक्ति युग में महिमा मंडन की सियासत से भला नहीं होने वाला,क्योंकि,एयरपोर्ट पूरे बिहार में कई जगह विकसित हो रहा है ।केंद्र सरकार की योजना के तहत यह हो रहा है,इसका क्रेडिट लूटना ठीक नहीं ।यदि गिनाना है तो अपने कार्य और उपलब्धियों को बताएं,ताकि, पब्लिक जाने की पुल के नाम पर तंग तबाह के अलावे एनडीए कार्यकाल में क्या क्या किया जा रहा है ।
