Wednesday, May 13

पनटोका वाइब्रेंट विलेज में एसएसबी का नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, 179 से अधिक ग्रामीणों का हुआ इलाज

रक्सौल।(Vor desk)। 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), रक्सौल द्वारा वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती पैंटोका गांव में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित कर मानवीय पहल की मिसाल पेश की गई। पैंटोका धर्मशाला परिसर में आयोजित इस ग्राम ओपीडी( Village OPD) शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार का लाभ उठाया।

कार्यक्रम का आयोजन 47वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट (मेडिकल) डॉ. निशि कान्त के मार्गदर्शन में ‘ए’ कंपनी, पनटोका द्वारा किया गया। शिविर में 179 से अधिक ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें आवश्यक दवाइयां नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं।

चिकित्सा शिविर में खांसी, जुकाम, बुखार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, घुटने और कमर दर्द, सांस संबंधी समस्याएं, शरीर में जकड़न, त्वचा रोग, कान एवं आंखों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न मौसमी एवं सामान्य रोगों का उपचार किया गया। चिकित्सकों ने मरीजों को बीमारी से बचाव एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुझाव भी दिए।

गर्मी के मौसम को देखते हुए कमांडेंट (मेडिकल) डॉ. निशि कान्त ने ग्रामीणों को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोगों को रोजाना 2.5 से 3.5 लीटर पानी का सेवन करना चाहिए तथा समय-समय पर नमक, चीनी और नींबू का घोल या ताजा जूस पीना चाहिए, ताकि डीहाइड्रेशन से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित आहार लेने, नियमित दवा सेवन और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।

एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। ग्रामीणों ने एसएसबी की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।

अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी सीमावर्ती एवं वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में इस तरह के मेडिकल सिविक एक्शन कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकें।

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