
रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में रक्सौल स्थित एसएसबी कैंप के विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को अतिरिक्त 20 एकड़ भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के तहत गठित छह सदस्यीय समिति ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर जमीन की किस्म निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की। निरीक्षण के दौरान रक्सौल एसडीएम मनीष कुमार तथा पूर्वी चंपारण के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार भी मौजूद रहे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार एसएसबी कैंप के विस्तार के लिए लंबे समय से अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। सीमा क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए संबंधित विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में जमीन की प्रकृति का आकलन करने के लिए समिति ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच की। अधिकारियों ने यह निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की कि संबंधित भूमि कृषि, आवासीय अथवा अन्य किस श्रेणी में आती है। भूमि की श्रेणी तय होने के बाद ही मुआवजा निर्धारण और अधिग्रहण की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर जमीन से जुड़े आवश्यक तथ्यों और स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और सरकारी मानकों के अनुरूप हो, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित पक्षों के हितों का ध्यान रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि एसएसबी कैंप के विस्तार से सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में आधारभूत विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण की औपचारिकताएं पूरी होते ही परियोजना से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं को भी गति दी जाएगी।
