
मोतिहारी/रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा से सटे पूर्वी चंपारण के इलाकों में मनोरंजन के नाम पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा संचालन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सीमावर्ती गांवों और कस्बों में लंबे समय से ऑर्केस्ट्रा की आड़ में महिलाओं के शोषण, देह व्यापार और अवैध गतिविधियों की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार पूर्वी चंपारण पुलिस की कार्रवाई ने इस काले नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।
पूर्वी चंपारण पुलिस ने पलनवा थाना क्षेत्र के सौनाहा गांव में छापेमारी कर ऐसे ही एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जहां ऑर्केस्ट्रा संचालन की आड़ में देह व्यापार का धंधा चलाए जाने का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि वहां से 07 महिलाओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया है।
पूर्वी चंपारण एसपी स्वर्ण प्रभात द्वारा जारी प्रेस नोट के के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि सीमावर्ती गांव सौनाहा में एक घर को ऑर्केस्ट्रा संचालन के नाम पर इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अंदर महिलाओं को रखकर अनैतिक गतिविधियां कराई जा रही हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
जब पुलिस टीम ने चिन्हित ठिकाने पर दबिश दी तो वहां की स्थिति ने पूरे मामले की पुष्टि कर दी। कार्रवाई के दौरान सौनाहा निवासी रामबाबू यादव का पुत्र सौरभ कुमार तथा पश्चिम बंगाल के कोलकाता अंतर्गत गोवड़ा थाना क्षेत्र निवासी उज्जवल का पुत्र निल विश्वास को गिरफ्तार किया गया।
छापेमारी में पुलिस ने मौके से 02 पैकेट कंडोम, 03 पैकेट मैनफोर्स टैबलेट और 07 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार सीमावर्ती इलाकों से लेकर दूसरे राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों के नाम पर बाहर से लड़कियों को बुलाकर उन्हें अनैतिक गतिविधियों में धकेला जाता था।
सीमा क्षेत्र में बढ़ता ‘ऑर्केस्ट्रा कल्चर’ बना चिंता का विषय
भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में बीते कुछ वर्षों में ऑर्केस्ट्रा संचालन तेजी से बढ़ा है। शादी-विवाह, मेलों और ग्रामीण आयोजनों के नाम पर देर रात तक चलने वाले कार्यक्रमों में अश्लीलता, शराबखोरी और महिलाओं के शोषण की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर ऑर्केस्ट्रा सिर्फ मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों की आड़ बन चुका है।
सीमावर्ती क्षेत्रों की खुली आवाजाही और कमजोर निगरानी का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह युवतियों को लालच, दबाव या मजबूरी में इस धंधे में धकेलते हैं। पुलिस की ताजा कार्रवाई ने इस पूरे नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व प्रशिक्षु आईपीएस-सह-रक्सौल थानाध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह ने किया। टीम में पलनवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार, सिपाही रवि कुमार, नीरज कुमार, अभिनन्द कुमार तथा महिला सिपाही मधु कुमारी सहित पलनवा थाना का सशस्त्र बल शामिल था।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, आर्थिक नेटवर्क और सीमावर्ती कनेक्शन की जांच में जुट गई है। रेस्क्यू की गई महिलाओं से भी पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्हें किन परिस्थितियों में यहां लाया गया और इस धंधे के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
