Friday, May 1

सीमा पार नशीली दवाओं की तस्करी का बड़ा खुलासा: रक्सौल पुलिस ने 12 हजार प्रतिबंधित इंजेक्शनों के साथ दो नेपाली तस्करों को दबोचा

​रक्सौल।(Vor desk)। पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की एक विशेष टीम ने महदेवा गांव स्थित सैनिक रोड पर घेराबंदी कर एक कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप बरामद की है, जिसे गुप्त तरीके से नेपाल तस्करी करने की योजना थी। बरामद दवाओं की संख्या 12 हजार पीस बताई गई है, जिनमें नरफीन, डाइजेपाम और फेनआरगन जैसे घातक और प्रतिबंधित इंजेक्शन शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक सह रक्सौल थानाध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह के नेतृत्व में बुधवार की रात अंजाम दी गई, जिसकी आधिकारिक पुष्टि गुरुवार को थाना परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान की गई।

​पुलिस को इस तस्करी के संबंध में सटीक इनपुट मिला था कि महदेवा बॉर्डर के रास्ते दवाओं की एक बड़ी खेप अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी कर दी और सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर AP28DD9386 वाली एक संदिग्ध मारुति सुजुकी कार को रोका गया। जब मजिस्ट्रेट सह राजस्व अधिकारी अरविंद कुमार की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली गई, तो कार की डिक्की में काले रंग के प्लास्टिक बैग में छिपाकर रखे गए हजारों इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, बरामद दवाओं का उपयोग मुख्य रूप से नशे के रूप में किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं।

​मौके से गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान नेपाल के नागरिकों के रूप में हुई है। इनमें बारा जिले के कलैया का निवासी वकील महतो और पर्सा जिले के श्रीपुर का रहने वाला पुरण ठाकुर शामिल है। पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि वे इस खेप को भारतीय बाजार से लेकर नेपाल के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करने वाले थे। पुलिस ने न केवल नशीली दवाओं को जब्त किया है, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाली कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद भी मौजूद रहे, जिन्होंने बताया कि गिरोह के अन्य नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है।

​फिलहाल, रक्सौल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सहायक पुलिस अधीक्षक हेमंत कुमार सिंह ने साफ किया है कि सीमाई इलाकों में नशे के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए पुलिस की सख्ती और निगरानी आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अब उन मुख्य सप्लायरों की तलाश में छापेमारी कर रही है, जो इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के पीछे मास्टरमाइंड हैं और सीमा के दोनों तरफ अपनी जड़ें फैलाए हुए हैं।

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