
रक्सौल में जय श्रीराम के उद्घोष के साथ निकली भव्य शोभा यात्रा; झांकियों ने मोहा मन
रक्सौल।(Vor desk)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव, ‘श्रीराम नवमी’ के पावन अवसर पर सीमावर्ती शहर रक्सौल भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। शहर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के द्वारा संयुक्त रूप से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे ,भगवा व हनुमान ध्वज और पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के प्रदर्शन के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे नगर को राममय कर दिया।

सांसद और विधायक ने बढ़ाया उत्साह
इस गरिमामय आयोजन में मुख्य रूप से क्षेत्रीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल और स्थानीय विधायक प्रमोद सिन्हा शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर यात्रा का शुभारंभ किया और आम जनता के साथ मिलकर जय श्रीराम के नारे लगाए।अपने संबोधन में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह क्षेत्रीय भाजपा सांसद डा संजय जायसवाल ने कहा कि दो वर्ष पूर्व अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना पूर्ण हो चुका है।पांच सौ वर्ष के संघर्ष और प्रयास से यह सफलता मिली।सभी ने देखा कि राम नवमी के मौके पर प्रभु श्री राम लल्ला का अभिषेक भगवान सूर्य ने अपने किरणों से किया।अब मैया सीता के मायके में भव्य सीता धाम मंदिर का सपना पूरा होगा।उन्होंने कहा रक्सौल इसका साक्षी बनेगा।उन्होंने कहा कि भगवान राम और मैया सीता की कृपा सब पर बनी रहे ,सभी का कल्याण हो।शोभा यात्रा के दौरान निकाली गई मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिसमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में दर्शाया गया था।



प्रशासन की रही पैनी नजर
यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद आला अधिकारी संभाले हुए थे।जिसमे अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार एवं एसडीपीओ मनीष आनंद पल-पल की गतिविधि पर नजर बनाए रहे।वहीं,सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षु आईपीएस सह थानाध्यक्ष हेमंत सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील मोड़ पर पुलिस के जवान मुस्तैद रहे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भक्ति और अनुशासन का संगम
शोभा यात्रा रक्सौल के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी, जहाँ जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर और शीतल जल पिलाकर जुलूस का स्वागत किया गया। इस दौरान युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर तालमेल के कारण पूरी यात्रा अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
