
रक्सौल।(Vor desk)। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा राजीव रंजन कुमार की अध्यक्षता में आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और आगामी महत्वपूर्ण अभियानों की सफलता सुनिश्चित करना था। बैठक के दौरान महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (बच्चेदानी) के कैंसर से बचाव के लिए ‘गाडा सील’ टीकाकरण अभियान पर विशेष चर्चा की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे 14 से 15 वर्ष की आयु की उन किशोरियों की सूची तैयार करें जिन्हें अब तक एचपीवी वैक्सीन नहीं लगा है, ताकि वे अपने अभिभावकों के साथ पीएचसी पहुंचकर सुरक्षित रूप से वैक्सीन लगवा सकें।
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए चमकी बुखार (एईएस और जेई) से बचाव के लिए भी ठोस रणनीति बनाई गई है, जिसके तहत 1 अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों में सघन जागरूकता अभियान और चौपाल लगाने के निर्देश दिए गए। कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी गई कि क्षेत्र में लक्षण युक्त संदिग्ध मरीज मिलते ही तत्काल विभाग को सूचित करें और मरीज को अस्पताल रेफर करना सुनिश्चित करें। बैठक में नवजात बच्चों में होने वाले सेरेब्रल पाल्सी के लक्षणों, जैसे सिर का बड़ा होना और गर्दन की समस्या, के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया गया और बताया गया कि समय पर इलाज व एक्सरसाइज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही, फाइलेरिया मरीजों की नई लिस्टिंग कर उन्हें एमडीए प्रोग्राम के तहत दवा खिलाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य मानकों की समीक्षा करते हुए डॉ. राजीव रंजन कुमार ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) पर विशेष जोर दिया और घर पर होने वाले प्रसव को पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए। इस दौरान नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, टेलीमेडिसिन और ‘एम आशा’ एप के उपयोग की भी गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित कुमार जायसवाल, डब्ल्यूएचओ के एफएम नूर सलाम, बीसीएम सुमित सिन्हा, जय प्रकाश कुमार, पिरामल के देवेश कुमार मिश्रा और मशाल संस्था के प्रतिनिधियों सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
