रक्सौल के सिसवा गांव में आगलगी से 10घर खाक,बेटी की शादी की तैयारी की जगह दिखी अरमानों की राख !
रक्सौल।(Vor desk)। सोमवार की सुबह की धूप आज सिसवा गांव पर कुछ अलग सी थी। बुझी हुई, उदास। रात की आग ने सब कुछ बदल दिया था। पूजा कुमारी के आंगन में जहां आज गहनों की झिलमिलाहट, हंसी की गूंज और ढोलक की थाप होनी थी, वहां अब राख उड़ रही थी।
छेंका की मिठास जल चुकी थी। वह थालियां, वह सजी हुई चौकी, वो चूड़ियां… और वो 80,000 की रकम, जो मां-बाप ने सालों की बचत से जोड़ी थी — सब कुछ लपटों में समा गया। एक सपना अधूरा रह गया।
एसडीएम शिवांक्षी दीक्षित की सुबह से घटनास्थल पर नजर थी। धूल और धुएं के बीच उन्होंने पीड़ितों की सूचियाँ बनवानी शुरू कर दीं। उनसे इस घटना पर बात करने के दौरान उनका सोच गंभीर था, पर उनकी आवाज़ में संवेदना थी।उन्होंने कहा, "कि जितनी जल्दी हो सके, सभी को मुआवजा मिलेगी ताकी पूजा की शादी… वो फिर से हो, उसी रौशनी और सम्मान के साथ।"
गांव के लोग चुप थे। आँखों में आँसू थे, पर...









