बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का 65 वां महापरिनिर्वाण दिवस मना!
रक्सौल।(vor desk )।सामाजिक विषमता को बढ़ाकर कभी सामाजिक समता नही आ सकती।हमें सामाजिक परिवर्तन की धारा को मजबूत करते हुए इस विषमतावादी व्यवस्था को समाप्त किया जा सकता है।आइए हम सब मिलकर संविधान निर्माता भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शो व सुझावे गए मार्ग का अनुशरण कर इस भेदभाव का खात्मा करें।उक्त बातें अम्बेडकर ज्ञान मंच के संस्थापक मुनेश राम ने मंगलवार को अम्बेडकर ज्ञान मंच व एससी-एसटी कर्मचारी संघ,रक्सौल के तत्वावधान में आहुत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के 65 वें महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कही।उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों व विषमतावादी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन करनेवाले बहुजन महापुरुषों को सामाजिक दायरे में बांध कर उनकी क्षमता पर प्रश्नचिन्ह उत्पन्न किया जाता है,जबकि बाबा साहेब जैसे बहुजन समाज में जन्मे महापुरुषों ने कभी कि...









