हिंदी को शीर्ष पर प्रतिष्ठित करें ,इस पर गर्व करना सीखें और नई पीढ़ी को भी गर्व करना सिखाएं : डॉ. शलभ
रक्सौल।(vor desk) हिंदी केवल हमारी मातृभाषा नहीं हमारी पहचान भी है। इस पर गर्व करना सीखें और नई पीढ़ी को भी गर्व करना सिखाएं। भारत विभिन्न भाषाओं का देश है और हर भाषा का अपना महत्व है, परन्तु जब देश की बात होती है तो देश में सर्वाधिक बोली जाने वाली हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है, जिसमें पूरे देश को एक सूत्र में बांधने की क्षमता है और 'हिंदी दिवस' हिंदी के इसी उत्कर्ष और गौरव का उत्सव है। आइए इस 'हिंदी दिवस' पर हिंदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए कुछ नई पहल करें। इस जन जन की भाषा को राष्ट्रभाषा का गौरव दिलाने में अपना योगदान करें।आज के दिन हिंदी की वर्तमान दशा और दिशा पर चिंतन किया जाना भी जरूरी है। कुछ नए कदम उठाये जाने की भी जरूरत है। हमें अच्छे साहित्य को पढ़ने पढ़ाने की फिर से शुरुआत करनी होगी। जो पत्र पत्रिकाएं बंद हैं या बंद होने के कगार पर हैं उनके नियमित प्रकाशन के लिए अनुकूल वात...









