
रक्सौल।(Vor desk)।
सालों से प्रदूषण का दंश झेल रही सरिसवा नदी को पुनर्जीवन देने और स्थानीय लोगों को गंभीर बीमारियों से राहत दिलाने के लिए 63 करोड़ 17 लाख रुपये की बड़ी योजना को मंजूरी मिल गई है। ‘सरिसवा नदी बचाओ आंदोलन’ के लंबे संघर्ष और स्थानीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल के प्रयासों के बाद इस परियोजना पर काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके तहत शहर में अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (IPS) का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे नदी में गिरने वाले जहरीले पानी को पूरी तरह साफ किया जा सके।

परियोजना के अंतर्गत रक्सौल के अहिरवा टोला और बाबा मठिया पिपरा घाट (नागा रोड) में दो एसटीपी लगाए जा रहे हैं। इनमें से एक प्लांट का 30 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, गंदे पानी को प्लांट तक पहुँचाने के लिए तुमरिया टोला, छठिया घाट (आश्रम रोड) और पिपरा घाट के पास तीन आईपीएस बनाए जा रहे हैं।
केमिकल और कचरे के कारण काला पड़ चुका नदी का पानी दुर्गंध के साथ-साथ चर्म रोग, सांस और पेट से जुड़ी बीमारियों का मुख्य कारण बना हुआ था। योजना के धरातल पर उतरने से रक्सौल के बुद्धिजीवियों, युवाओं और छठ व्रतियों में खुशी की लहर है।
आंदोलन के महासचिव प्रो. मनीष दुबे ने इसे जन-स्वास्थ्य की जीत बताते हुए कहा कि टीम निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर पैनी नजर रखेगी।
वहीं स्वच्छता के सिपाही सह आंदोलन के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश कुमार,उपाध्यक्ष प्रो. डॉ. चंद्रमा सिंह, संरक्षक गुड्डू सिंह, ई. जितेंद्र कुमार और राजकिशोर राय उर्फ भगत जी ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए पीएम मोदी सहित सांसद डॉ. संजय जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने घोषणा की है कि परियोजना पूरी होने पर सांसद का भव्य नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार नेपाल के संपर्क में है,वहां भी इस नदी को प्रदूषित करने की योजना पर काम चल रहा है।हमारा प्रयास और पहल इस नदी को स्वच्छ और स्वस्थ्य बनाने की है।
प्रेस वार्ता में मनोज कुमार शर्मा, पिंटू गिरी, संजय पटेल, रिंकू श्रीवास्तव, बच्चा श्रीवास्तव, दीपू श्रीवास्तव, रामबाबू शर्मा, राकेश रंजन वर्मा, परवेज आलम, प्रमोद शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।
