
रक्सौल।(Vor desk)। शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा करने वाली नगर परिषद रक्सौल खुद अवैध कब्जे के घेरे में आ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के स्थानीय नेता रवि मस्करा ने नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अंचलाधिकारी (सीओ) अरबिंद कुमार को एक शिकायती आवेदन सौंपा है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य प्रशासनिक भवन पर अवैध निर्माण का आरोप राजद नेता रवि मस्करा का आरोप है कि कोइरियाटोला स्थित नगर परिषद के मुख्य प्रशासनिक भवन द्वारा सरकारी भूमि का अतिक्रमण किया गया है। सड़क पर ही पक्का निर्माण कराने के साथ-साथ शेड खड़ा कर दिया गया है। इतना ही नहीं, सार्वजनिक रास्ते पर बड़ा जनरेटर रखने, गाड़ियों की पार्किंग बनाने और जनसुविधा केंद्र (जैसे आधार सुधार केंद्र आदि) संचालित करने से आम लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। मस्करा ने इस अवैध निर्माण की प्रशासनिक मंजूरी देने वाले अधिकारियों व जिम्मेदार व्यक्तियों को चिह्नित कर उन पर सख्त कार्रवाई करने और सड़क को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया है।

“गरीबों को परेशान कर खुद भ्रष्टाचार में लिप्त है नगर परिषद” प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रवि मस्करा ने नगर परिषद की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नगर परिषद प्रशासन अतिक्रमण हटाने के नाम पर छोटे फल-सब्जी विक्रेताओं, ठेले वालों और रिक्शा चालकों को आए दिन परेशान करता है, जबकि खुद सरकारी जमीन पर पक्का कब्जा जमाए बैठा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के टैक्स के पैसों का दुरुपयोग कर सड़क पर अवैध निर्माण कराया जा रहा है और रक्सौल नगर परिषद भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। मस्करा ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में अंचल प्रशासन द्वारा पारदर्शी जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके खिलाफ उग्र विरोध जताया जाएगा।
