
पटना/रक्सौल।(Vor desk)। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को पटना स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पूर्वी चंपारण जिले का मान बढ़ा। जिले के उत्कृष्ट शिक्षक मो. नुरुल होदा को उनके बेहतरीन शैक्षणिक कार्यों, नवाचारों और अभिनव प्रयोगों के लिए ‘राजकीय शिक्षक सम्मान-2026’ से नवाजा गया। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री श्री मिथलेश तिवारी ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।
समारोह में दिग्गजों की मौजूदगी राजकीय शिक्षक सम्मान समारोह-2026 की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री श्री मिथलेश तिवारी ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी उपस्थित रहे। इस गरिमामय अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजेन्द्र यादव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्रीमती शीला मंडल, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, शिक्षा विभाग के सचिव श्री राजीव रौशन, पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री विनय कुमार तथा मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व शिक्षा अधिकारी मंच पर मौजूद रहे।
प्रदेश भर से 37 शिक्षक हुए सम्मानित समारोह के दौरान पूरे बिहार से चयनित कुल 37 उत्कृष्ट शिक्षकों को राजकीय शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया, जिनमें पूर्वी चंपारण से मो. नुरुल होदा का चयन जिले के लिए बड़ी उपलब्धि रहा।
गतिविधि आधारित शिक्षण और नवाचार की पहचान मो. नुरुल होदा वर्तमान में पूर्वी चंपारण के आदापुर प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, शेखवा टोला में प्रधान शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वे परंपरागत किताबी ज्ञान से इतर गतिविधि आधारित, आनंददायक और व्यावहारिक शिक्षण प्रणाली के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते हैं। वे स्थानीय और कम लागत वाली सामग्रियों (Low-Cost TLM) का उपयोग करके कठिन और जटिल विषयों को भी बच्चों के लिए बेहद सरल व रोचक बना देते हैं।
“यह सम्मान बिहार के हर समर्पित शिक्षक का है” सम्मान प्राप्त करने के बाद मो. नुरुल होदा ने खुशी जताते हुए कहा, “यह पुरस्कार केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि बिहार के उन तमाम शिक्षकों का सम्मान है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निष्ठापूर्वक जुटे हैं। यह उपलब्धि मुझे शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग करने और गुणवत्ता सुधारने की और अधिक प्रेरणा देगी।”
शिक्षा जगत में खुशी की लहर मो. नुरुल होदा को राजकीय सम्मान मिलने पर पूर्वी चंपारण के शिक्षा जगत, साथी शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। सभी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता जिले के अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
