
वीरगंज (नेपाल)।(Vor desk): नेपाल के वीरगंज स्थित नारायणी अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब सर्जरी के महज़ 24 घंटे बाद एक मां की आंचल से उसका एक दिन का नवजात शिशु चोरी हो गया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और रातभर चले सघन तलाश अभियान के कारण 16 घंटे के भीतर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने इस वारदात में शामिल एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
‘बच्चा खिलाने’ के बहाने खेला छल का खेल घटना रविवार देर रात की है। सर्लाही जिला निवासी सिंकू देवी ने शनिवार रात करीब 11 बजे सिजेरियन ऑपरेशन (सर्जरी) के जरिए एक बेहद प्यारे बेटे को जन्म दिया था। पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। रविवार रात अस्पताल परिसर में मौजूद शिशु की दादी के पास एक अज्ञात महिला आई। उसने आत्मीयता दिखाते हुए ‘बच्चा खिलाने’ के बहाने मासूम को अपनी गोद में लिया।
जैसे ही नवजात उस महिला के हाथों में आया, वह पलक झपकते ही अस्पताल के अंधेरे में ओझल हो गई। पीड़िता दादी के अनुसार, आरोपी महिला ने लाल रंग की मैक्सी पहन रखी थी और चेहरे पर हरे रंग का मास्क लगाया हुआ था।
16 घंटे चला अभियान, इनर्वा से हुई गिरफ्तारी बच्चा गायब होते ही परिजनों के रोने-बिलखने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पर्सा पुलिस तुरंत हरकत में आई। पर्सा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पवन भट्टराई के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने रातभर शहर के चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान चलाया।
आखिरकार, घटना के 16 घंटे बाद सोमवार सुबह पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने वीरगंज महानगरपालिका-16, इनर्वा स्थित एक ठिकाने से नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद करते हुए आरोपी महिला को दबोच लिया। गिरफ्तार महिला की पहचान सबीना खातून (निवासी: वीरगंज-16, इनर्वा) के रूप में हुई है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस फिलहाल बरामद नवजात शिशु और गिरफ्तार आरोपी महिला दोनों को जिला पुलिस कार्यालय पर्सा में रखा गया है। मासूम के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि महिला ने यह कदम किसी संगठित गिरोह के इशारे पर उठाया था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
