
सात दिन बाद नगर निकाय कर्मी काम पर लौटे, चंद्रशेखर का ढोल-ताशे से स्वागत; 24 घंटे में कचरा हटाने का लक्ष्य
रक्सौल। (Vor Desk) सात दिनों से ठप पड़ी रक्सौल की सफाई व्यवस्था अब पटरी पर लौटने लगी है। पटना में राज्य सरकार और नगर निकाय कर्मियों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बीच हुए लिखित समझौते के बाद शुक्रवार को कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की घोषणा की। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर में जगह-जगह जमा कूड़े के ढेर को हटाने की चुनौती अब नगर परिषद के सामने है।
पटना से लौटे बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) के महासचिव एवं वार्ता कमेटी के सदस्य चंद्रशेखर कुमार का कर्मियों ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। नगर परिषद के जन सुविधा केंद्र तक जुलूस निकाला गया। यहां ढोल-ताशे और सिंघा बजाकर हड़ताल समाप्त होने का जश्न मनाया गया।
कर्मियों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल हड़ताल करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों को सुनिश्चित कराना था। अब समझौता होने के बाद सभी कर्मी पूरी ताकत से काम पर लौटें और 24 घंटे के भीतर सात दिनों से जमा कचरा हटाने में जुट जाएं, ताकि नागरिकों को परेशानी न हो।
मानदेय से बीमा तक कई मुद्दों पर सहमति
संघ के अनुसार 30 जुलाई से बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर तीन सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही थी। 6 अगस्त को पटना में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा, अपर मुख्य सचिव विनय कुमार समेत अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद लिखित समझौता हुआ।
समझौते में दैनिक पारिश्रमिक सफाई कर्मियों के मानदेय में नियमित वृद्धि, 10 वर्ष की सेवा के बाद मानदेय उन्नयन, सालाना 16 दिन आकस्मिक अवकाश, महिला कर्मियों को दो दिन विशेष अवकाश, मातृत्व अवकाश तथा चिकित्सा, दुर्घटना और जीवन बीमा का प्रावधान शामिल है। सेवा समाप्ति पर उपादान देने पर भी सहमति बनी है।
कर्मियों को बिना निर्धारित प्रक्रिया हटाने पर रोक, अपील का अवसर और सेवा इतिहास के डिजिटलीकरण के साथ आउटसोर्स एजेंसी बदलने पर यथासंभव कर्मियों की सेवा जारी रखने का आश्वासन दिया गया है। वेतन में अवैध कटौती रोकने, बैंक खाते में भुगतान, बोनस और श्रम कानूनों के पालन पर भी सहमति बनी।
स्थायीकरण और एसीपी-एमएसीपी पर भी आश्वासन
फोर्थ ग्रेड के पद समाप्त होने के मद्देनजर दैनिक, संविदा और आउटसोर्स कर्मियों के स्थायीकरण के लिए नियमों में संशोधन का आश्वासन दिया गया है। नियमित नगर निकाय कर्मियों के लिए समयबद्ध पदोन्नति एवं वेतन उन्नयन (एसीपी/एमएसीपी) का लाभ बहाल करने और पूर्व आदेश में संशोधन का निर्णय हुआ।
हड़ताल के दौरान सफाई कर्मियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने तथा अनुपस्थिति के बदले देय अवकाश देने पर भी सहमति बनी है। समझौते के बिंदुओं पर अमल की निगरानी के लिए नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी और संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों की समिति गठित होगी, जो एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी।
कार्यक्रम में रमाकांत आजाद, प्रमिला देवी, राजेश मल्लिक, विनोद मल्लिक, महेंद्र कुशवाहा, बलिराम प्रसाद यादव, विनोद कुमार साह, रवि राम, सीता देवी और सुनयना देवी समेत बड़ी संख्या में नियमित, दैनिक वेतनभोगी, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मी मौजूद रहे।
