Friday, July 31

वीरगंज में शांति सद्भावना जुलूस के बीच बवाल: पुलिस से झड़प, सुरक्षा कड़ी; पीएम और सरकार भी सक्रिय

वीरगंज।(Vor desk)। तराई-मधेश में जारी तनाव के बीच शुक्रवार को वीरगंज एक बार फिर घटनाक्रम का केंद्र बना रहा। प्रशासन की ओर से निकाले गए शांति सद्भावना जुलूस के समापन के बाद घंटाघर क्षेत्र में विभिन्न हिंदू संगठनों और युवाओं ने सरकार तथा जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए सुनसरी गोलीकांड की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान टायर जलाने की कोशिश पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई। इसी दौरान कथित घुसपैठ की आशंका में एक संदिग्ध युवक को प्रदर्शनकारियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

सुनसरी के कप्तानगंज में पुलिस फायरिंग के बाद भड़के विरोध का असर सोमवार से ही वीरगंज में देखा जा रहा है। बुधवार को मशाल जुलूस निकाला गया, जबकि गुरुवार को प्रस्तावित हिंदू संगठनों की सभा से करीब दो घंटे पहले पर्सा प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी।निषेधाज्ञा 1अगस्त शनिवार की सुबह 6बजे तक लागू रहेगी। इसके बावजूद युवाओं ने विरोध-प्रदर्शन किया और प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने तथा सामाजिक-धार्मिक संगठनों की उपेक्षा का आरोप लगाया।

शुक्रवार को प्रमुख जिला अधिकारी भोला दहाल की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक के बाद शांति सद्भावना रैली निकाली गई। इसमें सांसद हरि पंत, सुशील साह कानू, वीरगंज के कार्यवाहक मेयर इम्तियाज आलम सहित विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बढ़ते तनाव को देखते हुए नेपाल पुलिस मुख्यालय ने पर्सा सहित संवेदनशील जिलों में 15 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की है। पर्सा में एसएसपी सोमेन्द्र सिंह राठौर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने मधेश-केंद्रित दलों और क्षेत्र के सांसदों के साथ अलग-अलग बैठक कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।

इधर, गृह मंत्री सुदन गुरुङ ने सुनसरी गोलीकांड में मृत ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता के परिजनों के साथ सात सूत्रीय समझौता किया। इसके तहत दोनों को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया, प्रत्येक परिवार को 10 लाख नेपाली रुपये की सहायता, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा देवानगंज स्थित मदरसे की कानूनी जांच पर सहमति बनी। समझौते के बाद देर शाम दोनों युवकों का अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

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