
रक्सौल/सोनीपत।(Vor desk)। रक्सौल की प्रतिभाशाली आर्किटेक्ट रितु रानी ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित डिजाइन के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल करते हुए हरियाणा के सोनीपत स्थित ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के 15वें दीक्षांत समारोह में मास्टर ऑफ डिजाइन (एम.डेस.) की पोस्ट ग्रेजुएट उपाधि प्राप्त की। उनकी इस सफलता से रक्सौल सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा, ऑकलैंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) डॉन फ्रेशवाटर, हार्वर्ड विश्वविद्यालय (अमेरिका) के लेमन प्रोफेसर डॉ. तरुण खन्ना तथा सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. अभिषेक एम. सिंहवी सहित देश-विदेश के अनेक शिक्षाविद् और गणमान्य अतिथि शामिल हुए। समारोह में विश्वविद्यालय के चांसलर एवं सांसद नवीन जिंदल ने ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों को उपाधियां एवं सम्मान प्रदान किए।
इस अवसर पर नवीन जिंदल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में सत्यनिष्ठा, करुणा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को सदैव सर्वोपरि रखें।
आर्किटेक्चर से एआई डिजाइन तक का प्रेरक सफर
रितु रानी ने हिमगिरी जी यूनिवर्सिटी, देहरादून से बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बी.आर्क.) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वह काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए) की सदस्य बनीं। उन्होंने हैदराबाद की कॉग्निटो क्यूब कंपनी में यूएक्स डिजाइनर के रूप में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की।
इसके बाद मुंबई स्थित बालाजी टेलीफिल्म्स के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘बड़े अच्छे लगते हैं…’ में प्रोडक्शन डिजाइनर के रूप में कार्य किया। वहीं पटना की वास्तु निर्माण कंसल्टेंट्स कंपनी में प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट के रूप में आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत भवनों के डिजाइन का व्यापक अनुभव हासिल किया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए पहले भी हो चुकी हैं सम्मानित
डिजाइनिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रितु रानी को हाल ही में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद तथा पूर्व विधायक पवन जायसवाल ने एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया था।
रितु रानी, रक्सौल निवासी डेटा साइंस इंजीनियर सौरभ कुमार की पत्नी तथा शिक्षाविद् डॉ. स्वयंभू शलभ की पुत्रवधु हैं। उनकी इस उपलब्धि को रक्सौल और बिहार के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
