Wednesday, July 29

सरस्वती विद्या मंदिर, रक्सौल में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा

रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यगण, भैया-बहनों तथा स्थानीय समिति के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन वरिष्ठ आचार्य प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने किया।

इस अवसर पर स्थानीय समिति के अध्यक्ष कमल मस्करा, सचिव वीरेंद्र कुमार सिंह, सह-सचिव विकास साह, संरक्षक प्रो. राज किशोर सिंह तथा प्रधानाचार्य प्रेम रंजन पटेल सहित विद्यालय के सभी आचार्यगण उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अमरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, सिद्धेश्वर पांडे, राजकुमार, रूपनारायण सिंह, श्रीमती धनवंती देवी, श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, सुश्री ममता कुमारी, सुश्री श्रुति कुमारी, सुश्री बिंदु कुमारी, सुश्री खुशी कुमारी एवं ताराचंद (लेखपाल) सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

संरक्षक प्रो. राज किशोर सिंह ने गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देते हैं और उनके मार्गदर्शन से व्यक्ति ज्ञान, संस्कार एवं सफलता प्राप्त करता है।

प्रधानाचार्य प्रेम रंजन पटेल ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का भाव बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने गुरु महिमा पर आधारित एक प्रेरणादायी कविता का भी पाठ किया, जिसे उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों ने सराहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव वीरेंद्र कुमार सिंह एवं सह-सचिव विकास साह ने भी गुरु के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और विद्यार्थियों से गुरुजनों के आदर्शों का अनुसरण करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर विद्यालय के सभी भैया-बहनों ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। पूरे विद्यालय परिसर में गुरु भक्ति का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के सामूहिक पाठ के साथ हुआ।

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