
रक्सौल/सिमरा।(Vor desk)। बारा जिले के जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका-9 स्थित छातापिपरा में संचालित त्रिवेणी स्पिनिंग मिल्स में शुक्रवार को लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में कपास गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम में भंडारित करीब 180 टन कपास, महंगे मशीनरी उपकरण और भवन का बड़ा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया। हालांकि समय रहते किए गए संयुक्त बचाव अभियान के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक बड़े औद्योगिक हादसे को टाल दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 10 बजे गोदाम क्षेत्र से धुआं उठता दिखाई दिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कपास जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और उद्योग प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई।
आग बुझाने के लिए नेपाली सेना, नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी, अग्निशमन कर्मियों तथा स्थानीय मजदूरों को तत्काल लगाया गया। जीतपुरसिमरा उपमहानगरपालिका, निजगढ़ नगरपालिका, कोल्हबी नगरपालिका, वीरगंज महानगरपालिका, आदर्श कोतवाल गाउँपालिका और नेपाल आयल निगम सहित विभिन्न निकायों से 11 दमकलों को घटनास्थल पर बुलाया गया। करीब ढाई घंटे तक चले अभियान के बाद दोपहर 12:30 बजे आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
आगलगी में गोदाम में संग्रहित लगभग 180 टन कपास के अलावा मिक्सिंग ब्लेंडर, मिक्सिंग ओपनर, कंडेंसर तथा अन्य उत्पादन मशीनें भी जलकर नष्ट हो गईं। गोदाम भवन को भी भारी क्षति पहुंची है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है, हालांकि वास्तविक क्षति का आकलन अभी जारी है।
उद्योग के प्रबंधक नन्दकिशोर सिंह ने बताया कि कपास को एमबीओ मशीन के माध्यम से धागा निर्माण प्रक्रिया के लिए भेजा जा रहा था। इसी दौरान विद्युत शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। उन्होंने कहा कि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस कार्यालय बारा के एसपी नरेन्द्र कुँवर, सशस्त्र पुलिस फोर्स के एसपी विशाल सिलवाल, राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग के उप-अनुसन्धान निर्देशक सरोज निरौला तथा ईलाका पुलिस कार्यालय सिमरा के डीएसपी दिलीप क्षेत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की।
डीएसपी दिलीप क्षेत्री ने बताया कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन दोबारा सुलगने की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आग से हुए नुकसान का विस्तृत विवरण संकलित किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत प्रणाली की नियमित जांच और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय पर शुरू किए गए संयुक्त अभियान ने संभावित बड़े औद्योगिक और मानवीय संकट को टाल दिया।
