
रक्सौल।(Vor desk)।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही काली सेना ने मंगलवार को अपने नए कार्यालय का शुभारंभ किया। आश्रम रोड स्थित सेवक संजय नाथ काली न्यास विद्यालय परिसर में स्थापित कार्यालय का उद्घाटन स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने किया।
सीमावर्ती क्षेत्र में महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में सक्रिय काली सेना आज एक बड़े महिला सशक्तिकरण अभियान का रूप ले चुकी है। संस्था की अध्यक्ष पार्वती तिवारी के नेतृत्व में अब तक करीब 2600 महिलाएं संगठन से जुड़ चुकी हैं और घरेलू उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ाने का कार्य कर रही हैं।
पार्वती तिवारी ने बताया कि काली सेना के माध्यम से महिलाओं को तिसौरी, अदौरी, अचार समेत कई घरेलू उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इन उत्पादों को स्थानीय बाजार में अच्छी पहचान मिल रही है, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और वे परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं लंबे समय तक आर्थिक अवसरों से वंचित रहीं, लेकिन अब वे स्वयं सहायता और गृह उद्योग के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं। नए कार्यालय के खुलने से संगठन की गतिविधियों का विस्तार होगा और अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में सुविधा मिलेगी।
काली मंदिर के पीठाधीश्वर सेवक संजय नाथ ने कहा कि महिलाओं के उत्थान और स्वावलंबन के लिए लंबे समय से एक संगठित प्रयास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। काली सेना उसी सोच का परिणाम है, जो आज सैकड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दे रही है।
उद्घाटन अवसर पर विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाली पहल समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने संस्था को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में भाजपा नेता अजय पटेल, मृत्युंजय सिंह,कन्हैया सर्राफ, समाजसेवी विमल सर्राफ, नुरुल्लाह खान, प्रेम गुप्ता, सैफुल आजम, अबरार खान, ई. अनिल कुमार गुप्ता, दीपू श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, पप्पू साह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं महिला सदस्य उपस्थित थीं।
समारोह के दौरान महिला स्वरोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने के संकल्प को दोहराया गया। काली सेना के नए कार्यालय को स्थानीय स्तर पर महिला उत्थान और रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
