Friday, May 15

रक्सौल नगर परिषद में बढ़ी हलचल, अपर समाहर्ता के नेतृत्व वाली 3 सदस्यीय जांच टीम ने शुरू की कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी पर लगे आरोपों की जांच !

स्थायी समिति की बैठक नहीं बुलाने और वित्तीय निर्णयों को लेकर प्रशासनिक टीम ने खंगाले अभिलेख

रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल नगर परिषद में कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी के खिलाफ लगाए गए नियम उल्लंघन और वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर विभिन्न अभिलेखों और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की। जांच टीम के नगर परिषद कार्यालय पहुंचते ही पूरे परिसर में हलचल बढ़ गई और दिनभर कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल बना रहा।

अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) मोहम्मद शिबग़तुल्लाह के नेतृत्व वाली टीम में वरीय उप समाहर्ता विकास कुमार और रक्सौल एसडीएम मनीष कुमार शामिल थे। टीम ने कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी लेने के बाद नगर परिषद की बैठक से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय फाइलें और भुगतान अभिलेखों की जांच की गई।बंद कमरे में प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों के अवलोकन की प्रक्रिया उपरांत
टीम ने नगर परिषद के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर स्थित विभिन्न शाखाओं और कोषांगों का निरीक्षण किया। प्रथम तल पर मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। जांच के समय न तो कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी मौजूद थीं और न ही शिकायतकर्ता पार्षद।

जांच मुख्य रूप से पिछले नौ महीनों से सशक्त स्थायी समिति की बैठक नहीं बुलाए जाने, नगर निधि से हुए खर्च, भुगतान प्रक्रिया और बिना समिति की सहमति के कराए गए कार्यों को लेकर की जा रही है। साथ ही बिहार नगरपालिका सशक्त स्थायी समिति कार्य संचालन नियमावली-2010 के पालन की भी पड़ताल हो रही है।

मामले में वार्ड पार्षद घनश्याम प्रसाद, अंतिमा देवी और डिंपल चौरसिया ने संयुक्त रूप से नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव,निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन से अलग अलग शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि समिति की बैठक नहीं बुलाकर नियमों की अनदेखी की गई और बिना सहमति वित्तीय निर्णय लिए गए। कुछ विकास कार्यों और खरीद प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इसमें कार्यवाहक सभापति के पति पर अपने संबंधी की दुकान से बाजार मूल्य से अधिक दर पर पाइप खरीद कराने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह दावा भी किया है कि कर संग्राहक पंकज कुमार सिंह के नाम पर करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का विभागीय कार्य आवंटित कर नगर निधि में अनियमितता की गई।

कार्यवाहक सभापति ने बताया आरोपों को बेबुनियाद

कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नगर परिषद के सभी कार्य नियमानुसार और बोर्ड की स्वीकृति से किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी।

क्या कहा कार्यपालक पदाधिकारी ने

कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने मीडिया से कहा कि अधिकारी मिलने आए थे। उन्हें मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्य बोर्ड की स्वीकृति से कराए गए हैं।स्थाई समिति के मामले में नगर परिषद सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान और अनुपालन कर रही है।उन्होंने बताया कि पंकज कुमार सिंह विभागीय कर्मचारी हैं, इसलिए उनके नाम से विभागीय कार्य आवंटित किए गए थे।बाकी सभी जानकारी बोर्ड से मिल सकेगी।

क्या कहा जांच अधिकारी ने

अपर समाहर्ता मोहम्मद शिबग़तुल्लाह ने कहा कि विभिन्न बिंदुओं पर जांच की गई है और रिपोर्ट जल्द जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि निर्देशित बिंदुओं पर जांच की गई है।

फिलहाल, जांच टीम अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने की तैयारी में है, जिसके बाद ही नगर परिषद की भावी राजनीति और कार्रवाई की दिशा तय होगी।


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