Sunday, May 3

वीरगंज के स्पा सेंटरों में ‘मसाज’ की आड़ में अनैतिक खेल, दो केंद्रों से नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू; भारतीय पर्यटक मुख्य टारगेट

​वीरगंज (इंडो-नेपाल बॉर्डर)(vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रमुख व्यापारिक केंद्र वीरगंज में स्पा और मसाज पार्लरों के नाम पर चल रहे अनैतिक गतिविधियों के साम्राज्य पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। वीरगंज महानगरपालिका और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष ‘सर्च ऑपरेशन’ चला कर कई खुलासा किया है। इस कार्रवाई के दौरान दो स्पा सेंटरों से नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें कथित तौर पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नियोजित किया गया था। इस खुलासे के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित दर्जनों स्पा संचालकों में हड़कंप मच गया है।

​कस्टम जोन बना संदिग्ध गतिविधियों का ‘हब’

​खुफिया सूचनाओं और स्थानीय नागरिकों की निरंतर मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इन सेंटरों ने सीमावर्ती भन्सार (कस्टम) क्षेत्र और मुख्य बाजारों को अपना केंद्र बना लिया है। इनका प्राथमिक निशाना सीमा पार से आने वाले भारतीय पर्यटक और व्यापारिक दौरे पर आने वाले भारतीय नागरिक होते हैं। ‘स्पा कल्चर’ की आड़ में इन केंद्रों पर न केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि अवांछित और अनैतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

​जांच में खुली पोल: न लाइसेंस, न रिकॉर्ड

​नगर पुलिस इंचार्ज हरि भुसाल के नेतृत्व में अब तक एक दर्जन से अधिक केंद्रों की सघन जांच की जा चुकी है। छापेमारी में सामने कई अनियमितताएं सामने आई है।
मानव तस्करी और शोषण: दो केंद्रों पर नाबालिग लड़कियों की मौजूदगी ने मानव तस्करी और गंभीर श्रम शोषण के कयासों को पुख्ता किया है।
​अवैध संचालन: अधिकांश स्पा सेंटर बिना किसी वैध लाइसेंस और कर (टैक्स) भुगतान के संचालित हो रहे हैं।
​सुरक्षा मानकों की अनदेखी: कई केंद्रों के पास वहां कार्यरत कर्मचारियों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या पहचान पत्र नहीं मिला, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चूक है।
​प्रशासन का कड़ा रुख: सभी 32 वार्डों में होगी जांच
​वीरगंज महानगरपालिका ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। नगर पुलिस इंचार्ज हरि भुसाल के अनुसार, “प्रशासन अब शहर के सभी 32 वार्डों में एक साथ अनुगमन (निरीक्षण) करेगा। जो भी सेंटर अवैध गतिविधियों या नाबालिगों के शोषण में लिप्त पाया जाएगा, उसे तुरंत सील कर संचालकों पर कठोर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”
​प्रशासन ने इस व्यवसाय को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नाबालिगों के शोषण की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि शहर की गरिमा और सुरक्षा बनी रहे।

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