
आदापुर।(Vor desk)
प्रखंड के लतीहनवा अंबेडकर चौक पर रविवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर चेतना समिति, छौड़ादानों के तत्वावधान एवं विष्णुदेव राम की अध्यक्षता में भारत रत्न, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती सामाजिक न्याय और समानता के संकल्प के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके संघर्ष, विचार और संविधान निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया।
मुख्य अतिथि पूर्व विधि मंत्री डॉ. शमीम अहमद ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को अधिकार और सम्मान दिलाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब तक दलित, पिछड़े, शोषित, वंचित और अल्पसंख्यक वर्ग को समान अवसर नहीं मिलेगा, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने केवल संविधान नहीं लिखा, बल्कि सामाजिक क्रांति की नींव रखी। उनका उद्देश्य ऐसा भारत बनाना था, जहां किसी के साथ जाति, धर्म, वर्ग और लिंग के आधार पर भेदभाव न हो। आज भी समाज में असमानता, छुआछूत और अन्याय मौजूद है, जिसे खत्म करने के लिए संविधान की रक्षा और उसके मूल सिद्धांतों—समता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता—को व्यवहार में लाना जरूरी है।
डॉ. अहमद ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि बाबा साहेब का संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” आज भी उतना ही प्रासंगिक है। शिक्षा और रोजगार ही सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम है। गरीब और वंचित वर्ग तक शिक्षा पहुंचाना ही सच्चे अर्थों में बाबा साहेब को श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर वैज्ञानिक जादूगर स्व. सियाराम महतो, तार्किक कवि रामनाथ पासवान, बसपा जिलाध्यक्ष मथुरा राम, राजद नेता जयजाति यादव, ध्रुव यादव (प्रखंड अध्यक्ष), परमानंद यादव, शिवशंकर यादव, विष्णुदेव राम, अंबेडकर ज्ञान मंच के संस्थापक मुनेश राम, मोहन पासवान, विनोद राम, जग्गा राम शास्त्री, राजेश्वर पासवान, काशी पासवान, मिश्री मल्लिक, नीतू कुमार, रामनाथ पातवान सहित अन्य लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में शिवशंकर यादव, भीम कुमार राम, मिश्री मल्लिक, वीपी अखिलेश सहित अन्य लोगों ने सामाजिक समरसता, शिक्षा के प्रसार और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे। संचालन विनोद कुमार राम ने किया।
