
रक्सौल।(Vor desk)।
रक्सौल नगर परिषद में सशक्त स्थायी समिति की प्रस्तावित बैठक बुधवार (22 अप्रैल) को अंतिम समय पर स्थगित किए जाने से विवाद तेज हो गया है। कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी के निर्देश पर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने बैठक रद्द करने की सूचना जारी की, जिसके बाद पार्षदों ने इसका कड़ा विरोध जताया।
सभापति पुष्पा देवी ने अपने पत्र में कहा है कि मुख्य पार्षद का पद 5 अगस्त 2025 से रिक्त है तथा पूर्व में नामित समिति सदस्यों का कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है। उन्होंने 29 अगस्त 2025 को नई समिति के गठन के लिए तीन वार्ड पार्षदों को नामित किया था, लेकिन जिला स्तर पर नामांकन व शपथ ग्रहण की प्रक्रिया अब तक लंबित है। ऐसे में विधिवत गठन के बिना समिति की बैठक करना नियम विरुद्ध होगा। उन्होंने अपने निर्णय के समर्थन में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 21(3) तथा सर्वोच्च न्यायालय के ‘अफजल इमाम बनाम बिहार सरकार’ मामले के निर्णय का हवाला दिया।
वहीं, वार्ड पार्षद घनश्याम प्रसाद, अंतिमा देवी और डिंपल चौरसिया ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बैठक स्थगन को अनुचित बताते हुए नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पिछले नौ महीनों से जानबूझकर समिति की बैठक नहीं कराई जा रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश की जा रही है।
घनश्याम प्रसाद ने कार्यवाहक सभापति के अधिकारों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें नए सदस्यों को नामित करने का वैधानिक अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द बैठक नहीं बुलाई गई, तो वे वरीय अधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
सशक्त स्थायी समिति नगर परिषद के विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली इकाई है। इसकी बैठक बार-बार टलने से सड़क, नाली व अन्य बुनियादी योजनाओं पर असर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।
