
चम्पापुर में रक्सौल अनुमंडल की समीक्षा बैठक: डीएम सौरभ जोरवाल ने ग्राम कचहरी का किया लोकार्पण, सुनी जनसमस्याएं
रक्सौल।(Vor desk)। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर गुणवत्ता या पारदर्शिता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरुवार को रामगढ़वा प्रखंड की चम्पापुर पंचायत सरकार भवन के सभागार में आयोजित रक्सौल अनुमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूर्ण करने का कड़ा निर्देश दिया।
बैठक के दौरान रक्सौल, आदापुर, छौंड़ादानों और रामगढ़वा प्रखंडों में ग्रामीण विकास, पंचायती राज, राजस्व और पीएचईडी (PHED) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत सरकार भवन को आम जनता के लिए एक प्रभावी सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करें। उन्होंने विशेष रूप से मनरेगा, आवास योजना और नल-जल योजना की प्रगति रिपोर्ट देखी और तकनीकी सहायकों व आवास पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में सक्रिय रहने को कहा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने चम्पापुर में नवनिर्मित ग्राम कचहरी का विधिवत उद्घाटन भी किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कचहरी की स्थापना से ग्रामीण स्तर के छोटे-मोटे विवादों का त्वरित निपटारा संभव होगा, जिससे लोगों को कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी।
समीक्षा बैठक के उपरांत डीएम ने ‘जनता दरबार’ की तर्ज पर स्थानीय ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने जल निकासी की समस्या और कृषि संबंधी दिक्कतों को प्रमुखता से रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार, एसडीएम मनीष कुमार, निदेशक डीआरडीए, रामगढ़वा बीडीओ राकेश कुमार सिंह और चम्पापुर मुखिया जायदा खातून सहित अनुमंडल के सभी सीओ, बीपीआरओ और मनरेगा के अधिकारी उपस्थित थे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह ने संभाली। प्रशासन के इस औचक निरीक्षण और समीक्षा से प्रखंड कार्यालयों में हड़कंप का माहौल रहा, वहीं ग्रामीणों में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है।
