
वीरगंज।(Vor desk)। संकटमोचन श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर नेपाल की आर्थिक राजधानी वीरगंज में एक ऐतिहासिक और भव्य शोभा यात्रा का आयोजन संपन्न हुआ। विश्व हिंदू परिषद नेपाल सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई यह यात्रा अपनी अद्वितीय भव्यता, कड़े अनुशासन और अपार जनभागीदारी के लिए यादगार बन गई। दोपहर 2 बजे वीरगंज के हृदय स्थल घंटाघर से शुरू हुई इस शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने अपनी अटूट आस्था और भक्ति का प्रदर्शन किया।


भक्तिमय मार्ग और सजीव झांकियां
शोभा यात्रा का पूरा मार्ग भक्ति और उत्साह की छटा से सराबोर रहा। घंटाघर से प्रारंभ होकर यह यात्रा माईस्थान मंदिर, हनुमान मंदिर, विर्तामाई मंदिर, छपकैया छठ घाट, रेलवे रोड, अमर चौक, पंचमुखी हनुमान मंदिर, रामटोल और गहवा माई मंदिर जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। इस दौरान वीरगंज महानगरपालिका के विभिन्न वार्डों से आई राम-जानकी और पवनपुत्र हनुमान की जीवंत झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। पारंपरिक गाजे-बाजे और भक्ति भजनों की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं के कारण पूरा शहर भगवामय नजर आया।



प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति
धार्मिक उल्लास के इस अवसर पर समाज के हर वर्ग की भागीदारी रही। यात्रा में आरएसपी सांसद हरि पंत, सुशील साह और वीरगंज के मेयर राजेश मान सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। इन नेताओं ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर उत्सव की शोभा बढ़ाई और धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया।



प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा घेरा
शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखा। परसा जिले के जिलाधिकारी (सीडीओ) भोला दहाल और एसपी सुदीप पाठक स्वयं जमीन पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे। नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के जवानों की भारी तैनाती के साथ-साथ, कार्यक्रम को मर्यादित बनाने के लिए 2,000 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था, जिन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने और अनुशासन बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाई।
मानवीय सेवा की मिसाल
भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। यात्रा मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय निवासियों द्वारा शीतल पेयजल, जूस, शरबत और फल-बिस्कुट के स्टाल लगाए गए थे। वीरगंज महानगरपालिका प्रशासन भी साफ-सफाई और पानी के छिड़काव को लेकर पूरी तरह सतर्क रहा।
गगनभेदी नारों और सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुई इस शोभा यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट किया, बल्कि वीरगंज की सांस्कृतिक एकता और भाईचारे की मिसाल भी पेश की।
