Thursday, April 23

नेपाल में ‘बालेन सरकार’ का उदय: आज रामनवमी पर पीएम पद की शपथ लेंगे बालेन्द्र शाह, सांसदों के अनोखे अंदाज ने खींचा ध्यान

काठमांडू/वीरगंज।(Vor desk)। नेपाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। प्रतिनिधि सभा के चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह (बालेन) शुक्रवार, 27 मार्च को नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। रामनवमी के शुभ अवसर पर होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह को लेकर काठमांडू से लेकर मधेश तक भारी उत्साह का माहौल है।
​सांसदों का शपथ ग्रहण: विविधता का अनूठा संगम
​गुरुवार को सिंहदरबार स्थित नवनिर्मित संसद भवन के बहुउद्देशीय हॉल में नवनिर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। सभा के ज्येष्ठ सदस्य सह नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुननरसिंह केसी (78) ने कुल 274 सांसदों को शपथ दिलाई। इस दौरान सदन में नेपाल की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता की अद्भुत झलक देखने को मिली।
​करीब 47 से अधिक सांसदों ने अपनी मातृभाषा में शपथ ली, जिनमें भोजपुरी, मैथिली, नेपाल भाषा (नेवा:), डोटेली, थारू, तामाङ, बज्जिका, संस्कृत और बान्तवा प्रमुख रहीं। रास्वपा के पर्सा से निर्वाचित सांसद बुद्धिप्रसाद (हरि) पन्त, सुशील कुमार कानु और टेक बहादुर शाक्य ने भोजपुरी में शपथ लेकर अपनी क्षेत्रीय पहचान को गौरवान्वित किया, जबकि रामाकान्त प्रसाद चौरसिया ने नेपाली भाषा को चुना।


​स्कूल ड्रेस और मधेशी परिधान ने बटोरीं सुर्खियाँ


​शपथ ग्रहण के दौरान सांसदों के पहनावे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। बारा जिले के सांसद रहबर अंसारी सभी को चौंकाते हुए स्कूल ड्रेस पहनकर संसद पहुंचे। उन्होंने संदेश दिया कि उनका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं और बच्चों को शिक्षित बनाना है। वहीं, बारा के सांसद चंदन सिंह और पर्सा के सुशील साह कानु अपनी पारंपरिक पहचान को दर्शाते हुए मधेशी परिधान में नजर आए।


​शंखनाद और स्वस्ति वाचन के साथ ‘बालेन’ का राज्याभिषेक
​संविधान की धारा 76 (1) के तहत स्पष्ट बहुमत प्राप्त दल के नेता के रूप में बालेन्द्र शाह की नियुक्ति की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह पूरी तरह सांस्कृतिक और धार्मिक रंग में रंगा होगा:
​शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:34 बजे शपथ ग्रहण।
​अनुष्ठान: समारोह में 7 ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद, 108 बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 बौद्ध लामा गुरुओं द्वारा मंगल वाचन किया जाएगा।
​पदभार: शपथ के बाद दोपहर 2:15 बजे बालेन शाह सिंहदरबार पहुंचकर कार्यभार संभालेंगे।


​संभावित कैबिनेट और भविष्य की उम्मीदें


​नई सरकार में मंत्रियों की आधिकारिक सूची तो अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन चर्चा है कि स्वर्णिम वाग्ले को अर्थ मंत्रालय, शिशिर खनाल को विदेश मंत्रालय और डीपी अर्याल या सुनील लम्साल को गृह मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पार्टी सभापति रवि लामिछाने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से संसदीय दल के नेता चुने गए बालेन शाह से जनता को व्यवस्था परिवर्तन की बड़ी उम्मीदें हैं।

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