
रक्सौल (vor desk): पिछड़ों और वंचितों की आवाज, जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती रक्सौल में बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। स्थानीय कर्पूरी आश्रम में आयोजित इस भव्य समारोह का नेतृत्व रक्सौल के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजनंदन राय के पुत्र और राजद नेता प्रमोद राय ने किया।
श्रद्धांजलि और सांस्कृतिक भोज का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत जननायक के तैलचित्र पर माल्यार्पण और भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ हुई। इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए ‘दही-चूड़ा भोज’ का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर एक साझा भाईचारे का संदेश दिया।
वक्ताओं ने कहा- ‘आज भी प्रासंगिक हैं जननायक के विचार’
समारोह के दौरान एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।इस दौरान
पूर्व मंत्री श्यामबिहारी प्रसाद एवं प्रमोद राय ने कहा कि जननायक ने अपना पूरा जीवन सामाजिक समानता और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए न्योछावर कर दिया।
वहीं,आदापुर के उप प्रमुख मोहम्मद असलम ,महेश अग्रवाल पूर्णिमा भारती मोबारक अंसारी ,नुरुल्लाह खान,सुनील कुशवाहा,सैफुल आजम आदि वक्ताओं ने जोर दिया कि पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने के लिए कर्पूरी ठाकुर ने जो मार्ग दिखाया, वह आज की राजनीति के लिए एक मशाल की तरह है।
समारोह में शामिल हुए प्रमुख गणमान्य
इस जयंती समारोह में राजद और अन्य सामाजिक संगठनों के कई नेता और कार्यकर्ता एकजुट हुए, जिनमें प्रमुख रूप से सुनील कुशवाहा, सौरंजन यादव (राजद प्रखंड अध्यक्ष), मुबारक अंसारी (आदापुर प्रखंड अध्यक्ष),महिला नेत्री पूर्णिमा भारती, सरफुद्दीन आलम, मुनेश राम, अवधेश यादव, दिनेश राम,सुभाष यादव,
कुणाल यादव, राम स्वरूप गुप्ता मनोज पासवान आदि शामिल थे।
समापन और संकल्प
कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों ने एक समावेशी समाज के निर्माण और जननायक के आदर्शों को अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन में उतारने की कसम खाई। शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुए इस आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता की एक नई मिसाल पेश की।
