
वीरगंज।(Vor desk)।नेपाल के धनुषा जिले में एक मस्जिद में तोड़फोड़ और धार्मिक ग्रंथ जलाने की खबर के बाद मधेस प्रदेश के बीरगंज में सांप्रदायिक तनाव फैल गया है। रविवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रक्सौल सीमा से सटे बीरगंज के घंटाघर, छपकईया और गंडक चौक जैसे मुख्य इलाकों में उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर यातायात ठप कर दिया और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने छपकईया पुलिस पोस्ट में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर भारी पथराव किया।
स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें पांच राउंड आंसू गैस के गोले दागे गए। इस हिंसक झड़प में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पर्सा के डीएसपी राजू कार्की ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी से भड़का विवाद, प्रशासन की सख्त चेतावनी
सांप्रदायिक तनाव की असली जड़ टिकटॉक और फेसबुक पर एक-दूसरे के धर्म के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियां बताई जा रही हैं। विवाद की शुरुआत जनकपुर में हुई, जहाँ कुछ युवकों द्वारा आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के बाद आक्रोशित भीड़ ने एक मस्जिद को निशाना बनाया। प्रशासन ने अब सोशल मीडिया की निगरानी तेज कर दी है।
पर्सा के मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) भोला दहाल ने चेतावनी दी है कि धार्मिक द्वेष फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट करने वालों को ‘इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन एक्ट’ और ‘मुलुकी अपराध संहिता’ के तहत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाएगी। इसमें 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल पूरे मधेस प्रदेश और सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी है।
