
बीरगंज (नेपाल)।(Vor desk)।नेपाल के तराई-मधेश क्षेत्र, विशेषकर बीरगंज में सांप्रदायिक तनाव ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। धनुषा में शनिवार को धार्मिक स्थल पर हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद सोमवार को बीरगंज के विभिन्न चौक-चौराहों पर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। हालात को बेकाबू होते देख पर्सा जिला प्रशासन ने सोमवार शाम 6:00 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। प्रमुख जिला अधिकारी भोला दहाल ने स्पष्ट आदेश दिया है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले उपद्रवियों पर सुरक्षा बल गोली चलाने तक का कदम उठा सकते हैं।
मैदान-ए-जंग बना बीरगंज: आंसू गैस और पत्थरबाजी
सोमवार को निषेधाज्ञा के बावजूद अलखिया चौक, मुरली चौक और लाठ गली में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। छपकैया के ईदगाह चौक पर एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस तीखी झड़प में कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं, जबकि एक प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज नारायणी अस्पताल में चल रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और दर्जनों राउंड आंसू गैस के गोले दागे।
अब तक 25 से ज्यादा गिरफ्तारियां
पुलिस प्रशासन ने अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
प्रमुख गिरफ्तारियां: धार्मिक ग्रंथों को नुकसान पहुँचाने के आरोप में धनुषा पुलिस ने राम प्रताप साह (कपिल) को पकड़ा गया है।
धनुषा कनेक्शन: टिकटॉक पर हिंदुस्तान और बहन भाई के पर्व को ले कर भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने के आरोप में हैदर अंसारी और अमानत अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है।
वीरगंज में प्रदर्शनकारी पर कार्रवाई: वीरगंज-13 के पूर्व वडा अध्यक्ष तूफान अंसारी समेत आधा दर्जन युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
भड़काऊ नारेबाजी और ‘साइबर’ निगरानी
सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो ने आग में घी का काम किया, जिसमें ‘हिंदू भगाओ’ और ‘भगवाधारी मुर्दाबाद’ जैसे आपत्तिजनक नारे लगाए गए।यही नहीं दोनो ओर से देख लेने की बात की गई।एक दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश पर टकराव हुए ।दोनो पक्ष उपद्रवी और आपत्तिजनक हरकत ,बयान देने वाले पर करवाई की मांग कर रहे हैं।जबकि,एक समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन और धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने की नियत से गाली गलौज की निंदा करते हुए कहा कि पहले सबूत दे,तब आरोप लगाए।इस साजिश की जड़ दुबई में है,षड्यंत्र के तहत खुद तोड़ फोड़ कर अब बदनाम करने की कोशिश हो रही है।
इधर,नेपाल के गृहमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शांति सुरक्षा,सद्भाव कायम करने के उद्वेश्य से हाई-लेवल मीटिंग की और निर्देश दिया कि फेसबुक, व्हाट्सएप या टिकटॉक पर नफरत फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर न बख्शा जाए।
सुरक्षा का सख्त घेरा
कर्फ्यू का दायरा पूर्व में बाईपास रोड से लेकर दक्षिण में शंकराचार्य गेट (भारतीय सीमा) तक फैला है। नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल (APF) की भारी तैनाती की गई है। प्रशासन ने धार्मिक गुरुओं और नागरिक समाज से शांति बहाली की अपील की है ताकि नेपाल की ‘विविधता में एकता’ की पहचान सुरक्षित रह सके।
मुख्य बिंदु:
क्षेत्र: वीरगंज महानगरपालिका (सीमावर्ती क्षेत्र)।
प्रतिबंध: सभा, जुलूस और आवाजाही पर पूर्ण रोक।
छूट: एम्बुलेंस, दमकल और प्रेस जैसे आवश्यक वाहनों को अनुमति।
