
रौतहट में भारतीय नागरिक गिरफ्तार, निशानदेही पर नेपाली कारोबारी के प्रतिष्ठान में छापेमारी; 14.64 लाख रुपये और मिले, कुल 44.64 लाख की नकदी जब्त
रक्सौल (Vor Desk)। भारत-नेपाल सीमा पर नकदी की संदिग्ध आवाजाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नेपाल के रौतहट में पुलिस ने बाइक की टंकी के नीचे बनाए गए विशेष गुप्त चैंबर से 30 लाख रुपये बरामद किए हैं। नकदी छिपाकर भारत से नेपाल पहुंचे बाइक सवार की निशानदेही पर पुलिस ने एक नेपाली कारोबारी के प्रतिष्ठान में भी छापेमारी की, जहां से 14 लाख 64 हजार 650 रुपये अतिरिक्त मिले। इस तरह पुलिस ने कुल 44 लाख 64 हजार 650 रुपये जब्त करते हुए एक भारतीय नागरिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई बुधवार दोपहर इशनाथ नगरपालिका-4 के महुलिया स्थित काली मंदिर के पास हुई। रौतहट पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी बसंत गौतम के मुताबिक, विशेष सूचना पर तैनात पुलिस टीम ने भारत से नेपाल की ओर आ रही मध्य प्रदेश नंबर की बाइक (MP 05-001 P 0578) को रोककर तलाशी ली। पहली नजर में सामान्य दिख रही बाइक की जांच के दौरान पुलिस को उसकी टंकी के नीचे विशेष रूप से तैयार किया गया गुप्त चैंबर मिला। इसी में 30 लाख रुपये छिपाकर रखे गए थे।

बाइक सवार की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के फुलवरिया-13 निवासी 30 वर्षीय सनी कुमार जायसवाल के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि बरामद रकम गौर नगरपालिका-1 स्थित न्यू तराई ट्रेडर्स के संचालक शेख कमरुल (51) को पहुंचाई जानी थी।
इसके बाद पुलिस निरीक्षक जीवन कुमार मैनाली के नेतृत्व में टीम ने कारोबारी के प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। तलाशी में वहां से 14 लाख 64 हजार 650 रुपये और बरामद हुए। पुलिस ने कारोबारी को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपितों से नकदी के स्रोत, लेनदेन के उद्देश्य और संभावित अवैध वित्तीय नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
सीमा पार नकदी का खेल, बाइक बनी जरिया?
इस बरामदगी ने भारत-नेपाल सीमा पर नकदी के अवैध परिवहन और संभावित हवाला नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाइक की टंकी के नीचे अलग से गुप्त चैंबर तैयार कर इतनी बड़ी रकम ले जाना सामान्य आवाजाही का मामला नहीं माना जा रहा है। कारोबारी के प्रतिष्ठान से भी लाखों रुपये मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है।
अब जांच का अहम पहलू यह है कि 30 लाख रुपये कहां से आए, किसके निर्देश पर सीमा पार कराए जा रहे थे और कारोबारी के प्रतिष्ठान में मिली अतिरिक्त नकदी का इस लेनदेन से क्या संबंध है? क्या यह केवल दो लोगों के बीच का संदिग्ध लेनदेन है या इसके पीछे कोई बड़ा वित्तीय नेटवर्क सक्रिय है? फिलहाल पुलिस ने नकदी जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
