
22 नवंबर से पीएम बालेन शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा पर टिकी निगाहें, रामायण सर्किट को रेल संपर्क से जोड़ने की तैयारी
रक्सौल। (Vor Desk)। भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और परिवहन संपर्क को नई ऊंचाई देने की तैयारी है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की 22 नवंबर 2026 से प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच विशेष रेल सेवा के शुभारंभ की योजना है। यदि यह पहल साकार होती है तो माता सीता की जन्मभूमि जनकपुर और भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या के बीच श्रद्धालुओं को रेल से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
नेपाल रेलवे कंपनी के प्रबंध निदेशक परिवेश पराजुली के अनुसार, इस सेवा को लेकर भारत और नेपाल के रेलवे अधिकारियों, सीमा शुल्क तथा सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और बातचीत जारी है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, उद्घाटन की आधिकारिक तारीख और परिचालन का अंतिम स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है।
सुरक्षा और परिचालन पर संयुक्त मंथन
प्रस्तावित रेल सेवा के संचालन में सीमा पार सुरक्षा को लेकर भी व्यवस्था बनाई जा रही है। तय सिद्धांत के अनुसार, नेपाल के रेलखंड पर नेपाली सुरक्षा एजेंसियां और भारतीय क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा बल जिम्मेदारी संभालेंगे। हाल ही में रेलवे, सुरक्षा, सीमा शुल्क और आव्रजन अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विशेष निरीक्षण वाहन से जयनगर–जनकपुरधाम–कुर्था रेलखंड का निरीक्षण किया।
रक्सौल बॉर्डर के लिए भी अहम संकेत
जनकपुर-अयोध्या रेल संपर्क की पहल केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है। इससे भारत-नेपाल के बीच सीमा पार आवागमन, पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क को विस्तार मिलने की संभावना है। रक्सौल-बीरगंज जैसे प्रमुख सीमा व्यापार केंद्रों के लिए भी यह पहल क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों के व्यापक विस्तार का संकेत है।
फिलहाल जयनगर से जनकपुरधाम होते हुए महोत्तरी के बिजलपुरा तक नियमित रेल सेवा संचालित है। प्रस्तावित विशेष सेवा के जरिए इस संपर्क को अयोध्या और रामायण सर्किट से जोड़ने की योजना है। जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र महाशेठ ने इसे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया है।
