
विजयवाड़ा पुलिस की सूचना पर संयुक्त कार्रवाई, 2 मोबाइल फोन बरामद; भारत विरोधी गतिविधियों और कथित जासूसी से जुड़े नेटवर्क की जांच
रक्सौल। (Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल में कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंट को भारतीय मोबाइल नंबरों के ओटीपी उपलब्ध कराने के मामले में 2 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस और रक्सौल पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपित युवकों पर पाकिस्तानी एजेंट को ओटीपी आधारित कूपन-अप तैयार करने के लिए मोबाइल फोन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने तथा इसके बदले रुपये लेने का आरोप है। पुलिस ने दोनों के पास से 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले की जांच विजयवाड़ा पुलिस कर रही है।
रक्सौल थाना की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई विजयवाड़ा पुलिस के कांड संख्या 01/2026 की जांच के क्रम में मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना में रक्सौल के कुछ व्यक्तियों द्वारा पाकिस्तानी एजेंट को भारतीय मोबाइल नंबरों का ओटीपी आधारित कूपन-अप तैयार करने के लिए भेजे जाने की बात सामने आई थी। पुलिस को आशंका है कि इस माध्यम का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों और देश की संप्रभुता, अखंडता एवं सुरक्षा के विरुद्ध कथित जासूसी के लिए किया जा रहा था।
रक्सौल के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी
सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए विजयवाड़ा पुलिस के साथ रक्सौल पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने रक्सौल थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 2 युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रक्सौल थाना क्षेत्र के नागा रोड, वार्ड संख्या 11 निवासी आदित्य पाण्डेय (23), पिता बलिराम पाण्डेय, तथा मधुबनी जिले के हरलाखी थाना क्षेत्र निवासी राजा कुमार (24), पिता सुरेश साह, के रूप में हुई है। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, राजा कुमार वर्तमान में रक्सौल थाना क्षेत्र के नोनियाडीह में रह रहा था।
ओटीपी के बदले रुपये मिलने का आरोप
पुलिस की ओर से जारी जानकारी में आरोप लगाया गया है कि दोनों युवकों ने पाकिस्तानी एजेंट को ओटीपी उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल फोन और अन्य संसाधन मुहैया कराए। इसके बदले उन्हें रुपये दिए गए। हालांकि, कथित लेनदेन की कुल राशि, संबंधित मोबाइल नंबरों की संख्या और ओटीपी का इस्तेमाल किन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपितों का पाकिस्तानी एजेंट से सीधा संपर्क था या वे किसी अन्य माध्यम से इस कथित नेटवर्क से जुड़े थे। पुलिस की जांच में डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन के डेटा और आर्थिक लेनदेन की पड़ताल अहम हो सकती है।
सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से अहम मामला
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल अंतरराष्ट्रीय आवागमन और व्यापार का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में भारतीय मोबाइल नंबरों के ओटीपी के कथित दुरुपयोग और विदेशी एजेंट से जुड़े आरोपों ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान इस मामले की ओर खींचा है। हालांकि, मामले की वास्तविक प्रकृति, कथित गतिविधियों के उद्देश्य और नेटवर्क के विस्तार के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
संयुक्त कार्रवाई में रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद, थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार महतो तथा पुलिस पदाधिकारी विकास कुमार, रवि कुमार, दीपक कुमार गिरि और प्रेम कुंवर साह शामिल थे। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विजयवाड़ा पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
