
हड़ताल खत्म होने के बाद काम पर लौटे कर्मी, एक्टू के महासचिव चंद्रशेखर कुमार बोले- मंत्री की भूमिका सकारात्मक
पटना/रक्सौल।(Vor desk)। सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर चले आंदोलन के बीच नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा की पहल से कर्मचारियों में अब समाधान की उम्मीद जगी है। मांगों को लेकर हुई वार्ता के बाद हड़ताल खत्म हो चुकी है और सफाईकर्मी काम पर लौट चुके हैं। इसके बाद मंत्री से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की हुई मुलाकात ने समस्याओं के समाधान को लेकर भरोसा और बढ़ाया है।
बता दें कि 30 जुलाई से बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सफाईकर्मी तीन सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। हड़ताल के कारण कई शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई।

6 अगस्त को पटना में मंत्री नीतीश मिश्रा, अपर मुख्य सचिव विनय कुमार समेत विभागीय अधिकारियों और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। बातचीत के बाद लिखित समझौता हुआ और हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की गई। इसके बाद सफाई कार्य दोबारा शुरू हो गया।
वार्ता के बाद मंत्री राज्य से बाहर चले गए थे। लौटने के बाद पटना स्थित उनके कार्यालय में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की और उनका अभिनंदन किया। इस दौरान बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) के महासचिव एवं रक्सौल निवासी चंद्रशेखर कुमार ने बुके देकर मंत्री का स्वागत किया।
चंद्रशेखर कुमार वार्ता कमेटी के सदस्य भी हैं। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मंत्री ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान की दिशा में पहल का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि कर्मियों के हित में मंत्री नीतीश मिश्रा की भूमिका सकारात्मक रही है और अब समस्याओं के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल आलोचना तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जनता और कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर संवाद के जरिए समाधान की पहल करने वाले जनप्रतिनिधियों की सराहना भी होनी चाहिए। सफाईकर्मियों के मामले में मंत्री की पहल से कर्मचारियों को भरोसा मिला है कि समझौते के अनुरूप आगे सकारात्मक कार्रवाई होगी।
मुलाकात के दौरान शहरी क्षेत्रों में जनहित के कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी संवाद बनाए रखने पर चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि वार्ता में बनी सहमति के आधार पर अब उनकी लंबित समस्याओं का समाधान जल्द धरातल पर दिखाई देगा।
